{"_id":"6a9f7e6bc8199ce37d0132ce","slug":"asian-games-athletes-to-sign-affidavit-against-betting-pledge-fitness-anti-doping-and-national-image-2026-09-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एशियन गेम्स: सट्टेबाजी से दूर रहने का देना होगा शपथ पत्र! फिटनेस-डोपिंग और देश की छवि बचाने की लेनी होगी शपथ","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
एशियन गेम्स: सट्टेबाजी से दूर रहने का देना होगा शपथ पत्र! फिटनेस-डोपिंग और देश की छवि बचाने की लेनी होगी शपथ
सार
साई ने खेल संघों को खिलाडि़यों और प्रशिक्षकों से शपथ पत्र भरवाने व नेशनल स्पोर्ट्स रिपोजिटरी सिस्टम पर रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
एशियन गेम्स 2026
- फोटो : Asian Games
विस्तार
भारतीय खिलाड़ी जापान में होने वाले एशियाई खेलों में इस बार देश का प्रतिनिधत्व करने उतरेंगे तो वे आधिकारिक रूप से नैतिकता के बंधन में भी बंधे होंगे। भारतीय खिलाडि़यों को 19 सितंबर से ऐची-नागोया में होने जा रहे इन खेलों में उतरने से पहले अपनी फिटनेस और डोपिंग नियमों की जानकारी होने के साथ देश का नाम खराब नहीं करने, मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी से दूर रहने का शपथ पत्र देना होगा। साई ने सभी खेल संघों से एशियाड में भाग लेने वाले खिलाडि़यों और प्रशिक्षकों से शपथ पत्र भरवाने और नेशनल स्पोर्ट्स रिपोजिटरी सिस्टम (एनएसआरएस) पर रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया है। इसके तहत खिलाड़ी को अपनी और अपने जमीनी स्तर से इलीट स्तर के कोच की जानकारी मुहैया करानी होगी। शपथ पत्र के तहत खिलाडि़यों को अपना मेडिकल फिटनेस पत्र भी लगाना होगा। साई ने निर्देश दिया है कि कोई भी अनफिट खिलाड़ी एशियाई खेलों में भाग नहीं लेगा।
खेल संघ की जिम्मेदारी होगा शपथ पत्र
ओलंपिक हों, एशियाई खेल या फिर राष्ट्रमंडल खेल, इनमें देश की प्रतिष्ठा दांव पर होती है। हालांकि इन खेलों से पहले मौखिक रूप से खिलाडि़यों को अनुशासन में रहने और तिरंगे का मान रखने का पाठ पढ़ाया जाता है, लेकिन इस बार लिखित में शपथ पत्र भी देना होगा। जिसमें खेल भावना का ध्यान रखने, मैच फिक्सिंग, सट्टेबाजी, आयु की धोखाधड़ी से दूर रहने, अनुशासन में रहने और देश, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और अपने राष्ट्रीय खेल संघ (एनएसएफ) का नाम नहीं खराब करने की बात कही गई है। यह शपथ पत्र खिलाडि़यों से सभी राष्ट्रीय खेल संघों से भरवाने को कहा गया है जिसमें खिलाड़ी के हस्ताक्षर होंगे और एनएसएफ की मुहर, पदाधिकारी के हस्ताक्षर होंगे।
दांतों का भी कराना होगा परीक्षण
कोच को लेकर शपथ पत्र पहले भी भरवाया गया है। ऐसा पदक विजेता के कोच को दिए जाने वाले कैश अवार्ड के विवादों से बचने के लिए किया जा रहा है। पदक विजेता के कोच का कैश अवार्ड हमेशा विवादों में रहता है, ज्यादातर खिलाड़ी कैश अवार्ड के लिए अपने असली कोच के बजाय अपने पिता या रिश्तेदार का नाम प्रस्तावित करते थे। वहीं सभी खिलाडि़यों का मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र अनिवार्य किया गया है। साथ ही खिलाडि़यों के दांतों का परीक्षण भी अनिवार्य किया गा है। खेल संघ को फिटनेस प्रमाण किसी मान्यता प्राप्त डॉक्टर से उपलब्ध कराना होगा। अगर कोई खिलाड़ी पुनर्वास में है और तो उसे एशियाड में जाने के मेडिकली प्रमाण देने होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
खेल संघ की जिम्मेदारी होगा शपथ पत्र
ओलंपिक हों, एशियाई खेल या फिर राष्ट्रमंडल खेल, इनमें देश की प्रतिष्ठा दांव पर होती है। हालांकि इन खेलों से पहले मौखिक रूप से खिलाडि़यों को अनुशासन में रहने और तिरंगे का मान रखने का पाठ पढ़ाया जाता है, लेकिन इस बार लिखित में शपथ पत्र भी देना होगा। जिसमें खेल भावना का ध्यान रखने, मैच फिक्सिंग, सट्टेबाजी, आयु की धोखाधड़ी से दूर रहने, अनुशासन में रहने और देश, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और अपने राष्ट्रीय खेल संघ (एनएसएफ) का नाम नहीं खराब करने की बात कही गई है। यह शपथ पत्र खिलाडि़यों से सभी राष्ट्रीय खेल संघों से भरवाने को कहा गया है जिसमें खिलाड़ी के हस्ताक्षर होंगे और एनएसएफ की मुहर, पदाधिकारी के हस्ताक्षर होंगे।
विज्ञापन
दांतों का भी कराना होगा परीक्षण
कोच को लेकर शपथ पत्र पहले भी भरवाया गया है। ऐसा पदक विजेता के कोच को दिए जाने वाले कैश अवार्ड के विवादों से बचने के लिए किया जा रहा है। पदक विजेता के कोच का कैश अवार्ड हमेशा विवादों में रहता है, ज्यादातर खिलाड़ी कैश अवार्ड के लिए अपने असली कोच के बजाय अपने पिता या रिश्तेदार का नाम प्रस्तावित करते थे। वहीं सभी खिलाडि़यों का मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र अनिवार्य किया गया है। साथ ही खिलाडि़यों के दांतों का परीक्षण भी अनिवार्य किया गा है। खेल संघ को फिटनेस प्रमाण किसी मान्यता प्राप्त डॉक्टर से उपलब्ध कराना होगा। अगर कोई खिलाड़ी पुनर्वास में है और तो उसे एशियाड में जाने के मेडिकली प्रमाण देने होंगे।
विज्ञापन