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Hindi News ›   Sports ›   Asian Games: Ankush Panghal wins gold; India finish boxing campaign with 3 gold and 3 bronze; Lovlina, Parveen

मुक्केबाजी में गोल्डन हैट्रिक: लवलीना-परवीन के बाद अंकुश ने जीता एशियाड गोल्ड; कुल छह पदकों के साथ अभियान खत्म

Fri, 02 Oct 2026 03:57 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया Published by: स्वप्निल शशांक Updated Fri, 02 Oct 2026 03:57 PM IST
सार

अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराकर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता। उनके गोल्ड के साथ भारत का बॉक्सिंग अभियान तीन स्वर्ण और तीन कांस्य समेत छह पदकों के साथ खत्म हुआ। परवीन हुड्डा और लवलीना बोरगोहेन ने भी स्वर्ण जीते।

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Asian Games: Ankush Panghal wins gold; India finish boxing campaign with 3 gold and 3 bronze; Lovlina, Parveen
अंकुश, लवलीना और परवीन - फोटो : IANS/ANI

विस्तार

भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने एशियन गेम्स में पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। नागोया के निशियो जिम्नेजियम में खेले गए फाइनल में अंकुश ने दक्षिण कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराया। अंकुश की जीत के साथ ही एशियाई खेलों में भारत का मुक्केबाजी अभियान तीन स्वर्ण और तीन कांस्य पदकों के साथ खत्म हुआ। भारत ने कुल छह पदक अपने नाम किए।

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Ankush

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अंकुश ने शुरू से बनाया दबदबा
फाइनल में अंकुश ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने पहले राउंड में तेजी और सटीक पंचों के दम पर किम पर दबाव बनाया। भारतीय मुक्केबाज ने यह राउंड 4-1 से अपने नाम किया। किम को पहले राउंड में चेतावनी के कारण एक अंक की कटौती भी झेलनी पड़ी। दूसरे राउंड में अंकुश का प्रदर्शन और प्रभावी रहा। उन्होंने अपने 1-2 पंचों के साथ मौके बनाए और कोरियाई मुक्केबाज के हमलों का जवाब काउंटर पंच से दिया। किम ने कुछ अच्छे पंच लगाए, लेकिन अंकुश की रक्षात्मक तकनीक और काउंटर अटैक के सामने वह लगातार पिछड़ते गए। दूसरे राउंड में सभी पांच जजों ने अंकुश को बढ़त दी।

तीसरे राउंड में भी नहीं बदली तस्वीर
तीसरे राउंड में भी अंकुश ने अपनी रणनीति में बदलाव नहीं किया। उन्होंने डिफेंस और अटैक का बेहतरीन संतुलन बनाए रखा। किम के हमलों से बचते हुए भारतीय मुक्केबाज ने सही समय पर काउंटर पंच लगाए। अंकुश ने तीसरा राउंड भी 4-1 से जीत लिया। इस तरह मुकाबले का फैसला 4-0 से उनके पक्ष में रहा। चार जजों ने अंकुश को 30-26 से विजेता माना, जबकि एक जज ने दोनों मुक्केबाजों का स्कोर 28-28 रखा।


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80 किग्रा वर्ग में भारत का पहला एशियाई खेल स्वर्ण
अंकुश की यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने एशियाई खेलों के 80 किग्रा वर्ग में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने फाइनल में अपनी रक्षात्मक मजबूती, तेज रिफ्लेक्स और काउंटर पंचिंग का शानदार इस्तेमाल किया। अंकुश का सफर कम उम्र में ही तेजी से आगे बढ़ा है। हिसार, हरियाणा में 13 अगस्त 2005 को जन्मे अंकुश ने अपने पिता की सलाह पर मुक्केबाजी शुरू की। इससे पहले वह करीब तीन साल तक कबड्डी खेलते थे। मुक्केबाजी में आने के बाद उन्होंने अपनी रक्षात्मक क्षमता और काउंटर पंचिंग के लिए पहचान बनाई।

राष्ट्रमंडल खेलों में भी जीता था गोल्ड
अंकुश के लिए 2026 का साल बेहद सफल रहा है। एशियन गेम्स से पहले उन्होंने ग्लासगो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था। वहां उन्होंने इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू के खिलाफ मुकाबले में वापसी करते हुए गोल्ड अपने नाम किया था। इसके अलावा अंकुश ने चेकिया में हुए ग्रां प्री उस्ती नाद लाबेम में भी स्वर्ण पदक जीता। 2025 में नई दिल्ली में हुए वर्ल्ड बॉक्सिंग कप के वैश्विक फाइनल में उन्होंने रजत पदक हासिल किया था। 2023 में एशियन यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी वह रजत पदक जीत चुके हैं।
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अंकुश पंघाल - फोटो : IANS
परवीन ने कड़े मुकाबले में जीता था गोल्ड
अंकुश से पहले परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। परवीन ने चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को करीबी मुकाबले में 3-2 से हराया था। परवीन ने फाइनल की शुरुआत शानदार तरीके से की और पहला राउंड 5-0 से अपने नाम किया। हालांकि चेन ने दूसरे राउंड में जोरदार वापसी की और सभी पांच जजों ने यह राउंड उनके पक्ष में दिया। निर्णायक तीसरे राउंड में परवीन ने धैर्य बनाए रखा और 3-2 से राउंड जीत लिया। इस तरह उन्हें स्प्लिट निर्णय में 3-2 से विजेता घोषित किया गया और उन्होंने एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

इस जीत के साथ परवीन एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की तीसरी महिला मुक्केबाज बनीं। उनसे पहले एमसी मैरीकॉम ने 2014 इंचियोन एशियाई खेलों में महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीता था। इसके बाद लवलीना बोरगोहेन ने भी शुक्रवार को स्वर्ण पदक जीता।

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परवीन हुड्डा
जन्मदिन पर लवलीना ने जीता सोना
भारत के लिए दूसरा महिला बॉक्सिंग स्वर्ण लवलीना बोरगोहेन ने जीता। 2 अक्टूबर को अपना 29वां जन्मदिन मना रहीं लवलीना ने महिलाओं के 75 किग्रा फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया। लवलीना ने मुकाबले में शुरुआत से ही नियंत्रण बनाए रखा। उन्होंने एशियन गेम्स 2022 के रजत पदक को स्वर्ण में बदल दिया। टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुकीं लवलीना ने अपने जन्मदिन पर स्वर्ण पदक जीतकर अभियान को यादगार बना दिया। यह एशियाई खेलों में लवलीना का पहला स्वर्ण पदक है। उनके इस प्रदर्शन के साथ भारत को महिला मुक्केबाजी में 12 साल बाद एशियाई खेलों का स्वर्ण मिला।

तीन कांस्य भी भारत की झोली में
भारत ने एशियन गेम्स के मुक्केबाजी अभियान में तीन कांस्य पदक भी जीते। पुरुषों के 90 किग्रा वर्ग में कपिल पोखरिया ने कांस्य हासिल किया। पुरुषों के 90 किग्रा से अधिक वर्ग में नरेंद्र बरवाल ने कांस्य पदक जीता। महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में प्रियंका घंघास ने भी कांस्य पदक अपने नाम किया। तीनों मुक्केबाज सेमीफाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन अंतिम चार के मुकाबले में हार के बाद उनका अभियान कांस्य पदक के साथ समाप्त हुआ। इस तरह भारत ने मुक्केबाजी में तीन स्वर्ण और तीन कांस्य पदक के साथ कुल छह पदक जीते।

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लवलीना बोरगोहेन (दाएं) - फोटो : PTI
11 मुक्केबाजों ने लिया था हिस्सा
भारत ने एशियन गेम्स के मुक्केबाजी मुकाबलों में कुल 11 मुक्केबाज उतारे थे। इनमें छह मुक्केबाज पदक जीतने में सफल रहे। महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग में साक्षी चौधरी को राउंड ऑफ 16 में कजाकिस्तान की मौजूदा विश्व चैंपियन अलुआ बाल्किबेकोवा से हार मिली। महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग में प्रीति पवार को प्री-क्वार्टर फाइनल में उत्तर कोरिया की पांग चोल मी ने हराया।

पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादुमणि सिंह भी प्री-क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के कार्लो पालम से हार गए। पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में सचिन सिवाच को क्वार्टर फाइनल में जापान के शुनसुके कितामोटो ने हराया। वहीं पुरुषों के 70 किग्रा वर्ग में सुमित कुंडू को प्री-क्वार्टर फाइनल में ईरान के अली कासिम अल-सरे ने शिकस्त दी। इन नतीजों के बावजूद अंकुश, परवीन और लवलीना के स्वर्ण तथा कपिल, नरेंद्र और प्रियंका के कांस्य ने भारत के अभियान को छह पदकों के साथ शानदार तरीके से समाप्त किया।
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