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अफसरों की लापरवाही, दर्ज नहीं हुआ नेशनल रिकॉर्ड
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 07 Aug 2013 01:24 PM IST
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एथलीट महीनों लंबे प्रयास के बाद ट्रैक पर जोरदार मेहनत करते हुए बेहतरीन प्रदर्शन करने की कोशिश करते हैं। लेकिन कई बार अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है।
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ऐसा ही एक वाकया हुआ रेलवे एथलीट मीट में जहां एक खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड बनाया, लेकिन वह दर्ज नहीं हो सका।
लॉन्ग जंपर प्रेमकुमार कुमारावेल ने सोमवार को 79वीं रेलवे एथलेटिक्स मीट में कॅरियर की सर्वश्रेष्ठ जंप लगाते हुए नौ साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था।
वह रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन से खासे खुश भी थे। उनकी खुशी का कारण यह भी था कि उन्होंने इस साल तीसरी बार आठ मीटर से आगे की जंप लगाई थी।
लेकिन खेल अधिकारियों की लापरवाही ने उनके रिकॉर्ड और खुशी, दोनों गायब कर दी।
प्रेमकुमार ने इस प्रतियोगिता में अपने पांचवें प्रयास में रिकॉर्ड 8.09 मीटर लंबी जंप लगाते हुए अमरीत पाल सिंह के नौ साल पुराने 8.08 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा था।
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हालांकि उनके इस रिकॉर्ड को मान्यता नहीं मिली क्योंकि जिस समय यह मुकाबला चल रहा था, उस समय स्टेडियम में नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था, जो उनका ब्लड या यूरीन सैंपल लेता।
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लापरवाही की हद इतनी थी कि न ही रेलवे स्पोर्ट्स प्रोमोशन बोर्ड (आरएसपीबी) ने और न ही एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) ने नाडा को इस एथलेटिक्स मीट के कार्यक्रम के बारे में सूचित किया था।
इस मामले में एएफआई तकनीकी समिति के प्रमुख टोनी डेनियल ने बताया कि मीट के दौरान एंटी डोपिंग प्रोटोकॉल के नहीं होने से उसके रिकॉर्ड को मान्यता नहीं मिल सकती क्योंकि मुकाबले के तुरंत बाद उसका टेस्ट नहीं लिया जा सका था।
विजेता खिलाड़ियों को मुकाबले खत्म होने के एक घंटे के अंदर टेस्ट देना अनिवार्य होता है।
हकीकत यह है कि जंप लगाने के बाद 20 साल के प्रेमकुमार स्टेडियम में स्थित डोप कंट्रोल रूम गए भी, लेकिन वहां पर कोई अधिकारी मौजूद नहीं था।
ऐसा नहीं है कि इस तरह की लापरवाही पहली बार हुई है। टोनी डेनियल ने कहा, 'ऐसा ही एक घटना उस समय भी घटी थी जब धावक अनिल कुमार ने बेंगलौर में सौ मीटर फर्राटा रेस में 10.21 सेकेंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था लेकिन उस समय उनका टेस्ट नहीं लिया जा सका था। हालांकि यह रिकॉर्ड कुमार के ही नाम 10.30 सेकेंड के रूप में दर्ज है।'
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार, नाडा ने महानिदेशक मुकुल चटर्जी ने कहा कि हमें मुकाबले के बारे में न सूचित किया गया, न ही किसी अधिकारी को वहां भेजने को कहा गया था।
हालांकि सूचित करने के मामले आरएसपीबी के सचिव झांझा त्रिपाठी ने सफाई देते हुए कहा कि हमने एएफआई को मीट के बारे में डेढ़ महीने पहले ही सूचित कर दिया था। अब नाडा को इसके बारे में जानकारी देने का काम एएफआई का है।
प्रेमकुमार भारत के चौथे पुरुष लांग जंपर हैं जिन्होंने आठ मीटर का मार्क पार किया है। उन्होंने इस साल तीन बार आठ मीटर से ज्यादा का जंप लगाया है।