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आईएबीएफ चेयरमैन पद से चौटाला होंगे आउट
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Feb 2013 11:27 PM IST
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इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन (आईएबीएफ) के चेयरमैन अभय सिंह चौटाला पर संकट के बादल मंडराने लगे है और उनका जल्द पद गंवाने का खतरा पैदा हो गया है। आईएबीएफ ने अपने नए संविधान से चेयरमैन पद हटाने का फैसला किया है और इसे मंजूरी के लिए इंटरनेशनल बॉक्सिंग फेडरेशन (आईबीए) के पास भेज दिया है। यदि आईबीए इस प्रस्ताव पर मंजूरी की मोहर लगा देते है तो चौटाला का चेयरमैन पद से हटना तय है।
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बतौर अध्यक्ष तीन बार अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद चौटाला को आईएबीएफ ने अपने सितंबर में हुए चुनावों में नामांकित चेयरमैन नियुक्त किया था क्योंकि उनके रिश्तेदार और राजस्थान भाजपा विधायक अभिषेक मटोरिया दौड़ में शामिल नहीं होने के बावजूद अचानक अध्यक्ष बन बैठे।
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आईएबीएफ के एक सूत्र ने कहा, ‘एआईबीए को मंजूरी के लिए संविधान का जो मसौदा भेजा गया है उसमें से चेयरमैन पद हटा दिया गया है। हम एआईबीए के अधिकारियों के साथ बैठक की कोशिश कर रहे हैं। एक बार यह मसौदा मंजूर हो जाए तो प्रक्रिया सही दिशा में आगे बढ़ेगी। यदि संविधान से यह पद ही हट जाएगा तो आईओए के निलंबित चेयरमैन चौटाला खुद ही आईएबीएफ की व्यवस्था से बाहर हो जाएंगे।’ एआईबीएफ इस समय अस्थायी रूप से निलंबन झेल रहा है।
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आईएबीएफ की मुश्किल बढ़ा रहा साई
साई द्वारा इंटरनेशनल बॉक्सिंग फेडरेशन (एआईबीए) को लिखे खत ने एआईबीएफ की मुश्किल बढ़ा दी है। पिछले साल दिसंबर में एआईबीए ने भारतीय मुक्केबाजी संघ को निलंबित कर दिया था। हालांकि एआईबीए ने शुरुआत में इस निलंबन से मुक्केबाजों को छूट दे दी थी।
इस बीच, साई के एआईबीए को पत्र लिखकर इस मसले पर स्पष्टीकरण की मांग करने से स्थिति नाटकीय रूप से बदल गई और पिछले महीने एआईबीए ने मुक्केबाजों का निलंबन आगे बढ़ा दिया। आईएबीएफ के एक सूत्र ने कहा कि हमने साई को एक पत्र लिखकर कहा है कि वह इस तरह से पत्र लिखना बंद करे. वे हमारा अच्छा करने के बजाय और हानि पहुंचा रहे हैं।