फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Wellness ›   ramkrishna paramhans moral story

जब रामकृष्ण परमहंस की पीठ पर दिखे डंडे की मार के निशान, कारण हैरान करने वाला है

Wed, 03 Aug 2016 10:56 AM IST
यशपाल जैन
यशपाल जैन Updated Wed, 03 Aug 2016 10:56 AM IST
विज्ञापन
ramkrishna paramhans moral story
रामकृष्‍ण

स्वामी रामकृष्ण परमहंस किसी गांव में भजन के लिए जा रहे थे। वह गांव दूर था, इसलिए बैलगाड़ी में बैठकर जा रहे थे। अच्छा तो यह होता कि तांगे या बग्घी से जाते, लेकिन यजमान कंजूस था, या हो सकता है कि अपने हिसाब से मितव्ययी भी रहा हो, इसलिए उन्हें बैलगाड़ी का सहारा लेना पड़ा। खैर, तब परमहंस की ख्याति ज्यादा नहीं फैली थी। लोग उन्हें काली मंदिर के पुजारी या ज्यादा से ज्यादा एक मामूली संत ही समझते थे।

विज्ञापन


गाड़ीवान भी उन्हें ज्यादा नहीं जानता था। इसलिए वह रामकृष्ण परमहंस से हंसी-मजाक करता जा रहा था। परमहंस के मन में एक प्रेरणा उठी और वह श्रीकृष्ण चरित सुनाने लगे। जहां जाना था, वह जगह काफी दूर थी, इसलिए गाड़ीवन का मन भी कथा में लगने लगा। उसे इतना रस आया कि कथा सुनने में ही रम गया।
विज्ञापन


गाड़ीवान का ध्यान बैलों की ओर तब गया, जब वे धीमे चलने लगे थे। बैलों की गति देखकर गाड़ीवान को गुस्सा आ गया और उसने एक बैल की पीठ पर जोर-जोर से दो चार डंडे जमा दिए। जैसे ही गाड़ीवान ने बैल की पीठ पर डंडे मारे, गाड़ी मे बैठे हुए रामकृष्ण परमहंस अपनी जगह से अचानक नीचे गिर पड़े और कराहने लगे। परमहंस की अचानक हुई इस हालत को देखकर गाड़ीवान आश्चर्य और घबराहट से भर गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


उसने गाड़ी रोकी और दौड़कर रामकृष्ण के पास पहुंचा। उन्हें गौर से देखा, तो आंखें फटी की फटी रह गईं। बैल को मारे गए डंडों की चोट के निशान परमहंस की पीठ पर भी बन गए हैं। गाड़ीवान का ध्यान गया कि परमहंस एकटक उस बैल को ही देखे जा रहे थे।

सभी को अपना ही रूप मानने की बातें, तो गाड़ीवान ने कई बार सुनी थी, लेकिन उसका जीता-जागता प्रमाण पहली बार दिखाई दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed