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वाणी और वेश से धोखा न खाएं
Updated Fri, 19 Apr 2013 01:14 PM IST
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वाणी और वेश से किसी मन के मैले स्त्री या पुरुष को जानना संभव नहीं है। सूर्पनखा, मारीचि, रावण और पूतना ने सुंदर वेश धरे पर उनकी नीयत खराब थी। तुलसीदास
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