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चाणक्य नीति: पिता को तभी सम्मान मिलता है जब उनके बच्चों में हो ऐसे संस्कार
Mon, 25 May 2020 08:18 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 25 May 2020 08:18 AM IST
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Chanakya Success Mantra
Chanakya Niti In Hindi : आचार्य चाणक्य के द्वारा बनाई गई जीवन में सुख, शांति और सफलता का रास्ता दिखाती हैं। चाणक्य की नीतियां आज भी हमारी ढ़ेर सारी उलझनों और समस्याओं को दूर करने में सहायक होती है। आचार्य चाणक्य को इतिहास एक सफल राजनीतिज्ञ,कूटनीति और नीति निर्माता के रूप में जानता है। आचार्य चाणक्य ने ऐसी कई नीतियां बनाई है जिसका अनुसरण कर जीवन को सुखद और सफल बनाया जा सकता है। इन्हीं नीतियों के बल पर ही चंद्रगुप्त को अखंड भारत का सम्राट बना दिया था। आचार्य चाणक्य की नीतियों में कुछ ऐसे नीति है जिसे हर पिता को ध्यान में रखकर अपने बच्चों के अंदर संस्कार डालना चाहिए।
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चाणक्य के अनुसार
पुत्राश्च विविधै: शीलैर्नियोज्या: सततम् बुधै:।
नीतिज्ञा शीलसंपन्नां भवन्ति कुलपूजिता:।।
- इस नीति के अनुसार वही पिता सुख और शांति को प्राप्ति करता है जो अपनी संतानों के अंदर अच्छे और संस्कारी गुणों की शिक्षा देता है। संस्कारी लोग ही अपने कुल में पूजे जाते हैं।
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- बच्चों के लालन-पालन में बिल्कुल ही लापरवाही नहीं करनी चाहिए। संतान के अच्छे कर्म करने से समाज में पिता का मान-सम्मान मिलता है वहीं गलत कार्यों में लिप्त होने वाली संतान अपने पिता के लिए तमाम तरह की मुश्किले खड़ी करता है और समाज में उसे अपमानित होना पड़ता है।
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- आचार्य चाणक्य के अनुसार बच्चे का पहला गुरु उनके माता-पिता होते हैं। बच्चा सबसे पहले अपने माता-पिता से चीजों को समझता और सीखता है। माता-पिता के अच्छे संस्कार और उनके व्यवहार से बच्चों में संस्कार आते हैं। कभी भी बच्चों के सामने दिखावा नहीं करना चाहिए। किसी छोटी बात को बढ़ाचढ़ाकर बताने पर इसका बच्चे पर बुरा असर देखने को मिलता है।
- बच्चों के सामने कभी भी माता-पिता को किसी भी बात को लेकर लड़ाई-झगड़ा नहीं करना चाहिए। इसे आलावा माता-पिता को हमेशा बच्चों के सामने अच्छी और संयमित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।
- माता-पिता को कभी भी बच्चों के सामने किसी अन्य व्यक्ति को अपमानित नहीं करना चाहिए। साथ ही माता-पिता को अपने बड़े बुजुर्गों और गुरुओं के सामने सम्मानपूर्वक बाते करना चाहिए ताकि बच्चा आपके व्यवहार को देखकर आपसे सीख ले सके।
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