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Chanakya Niti: मित्र बनाते समय रखें इन बातों का ध्यान, वरना हो सकती है परेशानी

Tue, 18 Jan 2022 10:03 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Tue, 18 Jan 2022 10:03 AM IST
सार

Chanakya Niti : अपनी पुस्तक चाणक्य नीति में मानव समाज के कल्याण से सम्बंधित बहुत सी बातों का जिक्र किया है। चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में इस बात का भी उल्लेख किया है कि जीवन में मित्र बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। 
 

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Chanakya Niti Keep these things in mind while making friends otherwise there may be trouble
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

विस्तार

Chanakya Niti : आचार्य चाणक्य अत्यंत कुशाग्र बुद्धि के राजनीति और कूटनीति में कुशल व्यक्तित्व के मालिक थे। उन्होंने अपनी बुद्धिमत्ता के बल पर अपने शत्रु घनानंद का नाश किया और चंद्रगुप्त मौर्य को एक साधारण बालक से एक शासक के रुप में स्थापित किया। आचार्य चाणक्य एक विद्वान होने के साथ योग्य शिक्षक भी थे। इन्होंने विश्वप्रसिद्ध तक्षशिला विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और यहीं पर शिक्षक के रुप में विद्यार्थियों को शिक्षित भी किया। उन्हें कई विषयों का गहरा ज्ञान था, इसी के साथ ही उन्हें जीवन की अच्छी और बुरी दोनों तरह की परिस्थितियों का अनुभव था। आचार्य चाणक्य ने मानव कल्याण के लिए कई शास्त्र लिखे, जिनमें से नीति शास्त्र की बातें आज भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। आचार्य चाणक्य ने नीतिशास्त्र में जीवन के कई महत्पूर्ण हिस्सों पर प्रकाश डाला गया है। अपनी पुस्तक चाणक्य नीति में मानव समाज के कल्याण से सम्बंधित बहुत सी बातों का जिक्र किया है। चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में इस बात का भी उल्लेख किया है कि जीवन में मित्र बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं- 

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Chanakya Niti Keep these things in mind while making friends otherwise there may be trouble
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

स्पष्टवादी मित्र होते हैं अच्छे 
चाणक्य नीति शास्त्र के अनुसार सच्चा मित्र वही है जो आपकी पीठ पीछे बात न करके सही या गलत आपके सम्मुख बोलता है। जो मित्र पीठ पीछे आपकी बुराई करता है  उससे बुरा व्यक्ति जीवन में कोई नहीं है। इस तरह के स्वभाव वाले दोस्त बहुत घातक होते हैं। जो मित्र आपकी बुराई आपके मुंह पर करते हैं वो ज्यादा बेहतर होते हैं। हालांकि यह तोड़ कड़वा जरुर हो सकता है  लेकिन ऐसे दोस्त बेहतर होते हैं। 

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Chanakya Niti Keep these things in mind while making friends otherwise there may be trouble
प्रतीकात्मक तस्वीर

हर राज न बताएं 
जीवन में हर तरह के लोगों से मुलाकात होती है। उनमें से कुछ आपके खास मित्र भी बन जाते हैं। बहुत से लोग ऐसे होते हैं को अपने मित्रों पर आंख बंद करके भरोसा करते हैं। लेकिन की बार यह अंधा भरोसा आपका विश्वास भी तोड़ सकता है। चाणक्य के नीति शास्त्र के अनुसार कभी भी भावनाओं में बहकर अपने गहरे राज को अपने मित्रों से साझा नहीं करना चाहिए। फिर चाहे वो आपका परम मित्र ही क्यों न हो। अक्सर देखा गया है कि दोस्त मौका आने पर आपके राज को दूसरों के सामने खोल कर रख देते हैं। और उन्हें इस बात का कोई भी पछतावा नहीं होता कि उन्होंने आपके साथ विश्वासघात किया है। इसीलिए आचार्य चाणक्य ने कहा है कि इस तरह के मित्रों से एक दुश्मन होना बेहतर है। कम से कम वह पीठ पीछे वार नहीं करते। 

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