फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Wellness ›   12 september 2021 aaj ka panchang aaj ka rashifal aaj ka mantra aaj ka vichar and shubh muhurat

आज का मंत्र: किस शुभ मुहूर्त में करें अपना कार्य, जानें 12 सितंबर का ज्योतिष उपाय

Sun, 12 Sep 2021 08:41 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Sun, 12 Sep 2021 08:41 AM IST
सार

आज का पंचांग क्या कहता है? दैनिक राशिफल में आपके लिए क्या है? व्रत-त्योहार की डिटेल और शुभ-अशुभ मुहूर्त, आज का ज्योतिषी उपाय, मंत्र और विचार आदि। 

विज्ञापन
12 september 2021 aaj ka panchang aaj ka rashifal aaj ka mantra aaj ka vichar and shubh muhurat
12 सितंबर का पंचांग (AAJ KA PANCHANG) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आज रविवार, 12 सितंबर 2021 है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार हर दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल बदलती रहती है जिसका प्रभाव हर एक व्यक्ति पर हर दिन अलग-अलग होता है। किसी के लिए दिन बहुत ही शुभ साबित होता है तो किसी के लिए दिन बढ़िया नहीं रहता है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्योदय होने पर दिन की काल गणना आरंभ हो जाती है। नए दिन के साथ तिथि, मुहूर्त, शुभ-अशुभ समय,पर्व भी आरंभ हो जा जाते हैं। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व होता है। प्रतिदिन पंचांग में ग्रह-नक्षत्रों की दशा और दिशा पर तिथि, वार और व्रत-त्योहार तय होते हैं। इसके अलावा पंचांग में शुभ योग, मुहूर्त का विवरण होता है। जिसमें नया कार्य करने, बिजनेस का शुभारंभ करने, गृह प्रवेश, नई चीजों की खरीदारी के लिए शुभ समय से संबंधित जानकारी होती है। पंचांग के अलावा दैनिक राशिफल के माध्यम से सभी 12 राशियों के लिए दिन कैसा रहेगा इसकी ज्योतिषीय गणनाएं होती हैं। हम इस लेख में आपको एक साथ ज्योतिष और धर्म के नजरिए से हर दिन का पूरा विवरण बता रहे हैं, जिसमें आज का पंचांग क्या कहता है? दैनिक राशिफल में आपके लिए क्या है? व्रत-त्योहार की डिटेल और शुभ-अशुभ मुहूर्त, आज का ज्योतिषी उपाय, मंत्र और विचार आदि। 

विज्ञापन


12 सितंबर का पंचांग (AAJ KA PANCHANG)
=============================
आज की तिथि (AAJ KI TITHI)- शुक्ल षष्ठी
आज का शुभ मुहूर्त ( AAJ KA SHUBH MUHURAT)- अभिजीत मुहूर्त- 11:36: 00 AM से 12: 24: 00 PM
आज का नक्षत्र ( AAJ KA NAKSHATRA)- अनुराधा 08: 11: 15 AM 13 सितंबर तक फिर उसके बाद अनुराधा
आज का राहुकाल ( AAJ KA RAHU KAAL)- राहुकाल 04: 39 PM से 06: 12 PM

यहां विस्तार से पढ़ें - 12 सितंबर का पंचांग 

विज्ञापन

12 सितंबर का दैनिक राशिफल ( AAJ KA RASHIFAL)

सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा दिन यहां पढ़ें-

मेष दैनिक राशिफलवृषभ दैनिक राशिफलमिथुन दैनिक राशिफलकर्क दैनिक राशिफलसिंह दैनिक राशिफलकन्या दैनिक राशिफल तुला दैनिक राशिफल वृश्चिक दैनिक राशिफल धनु दैनिक राशिफल मकर दैनिक राशिफल कुंभ दैनिक राशिफलमीन दैनिक राशिफल

विज्ञापन
विज्ञापन


आज का व्रत-त्योहार- आज स्कंद षष्ठी व्रत है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह व्रत भगवान कार्तिकेय के लिए रखा जाता है। 17 सितंबर को परिवर्तिनी एकादशी फिर कन्या राशि और उसके बाद पितृपक्ष होंगे आरंभ।

आज का राशि परिवर्तन- आज किसी भी ग्रह का राशि परिवर्तन नहीं है।  15 सितंबर 2021 को सुबह 4 बजकर 22 मिनट पर वक्री गुरु का गोचर मकर राशि में होगा।

आज का विचार

व्यक्ति को कभी भी मौके का इंतजार नहीं करना चाहिए।
क्योंकि जो आज है वो ही सबसे बड़ा मौका है।


आज का मंत्र

ईशावास्यमिदं सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत्। 
तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा मा गृधः कस्यस्विद्धनम्।।


स्रोत- ईशावास्योपनिषद   

ब्रह्मविद्या प्राप्ति के आदिस्रोत को उपनिषद कहते हैं जो हमें ब्रह्म अथवा आत्मा के यथार्थस्वरूप का बोध कराने में सहायक सिद्ध होती हैं। प्रस्तुतमंत्र ईशावास्योपनिषद से लिया गया है जिसमें सर्वत्र भगवतदृष्टि का उपदेश दिया गया है। इसी उपनिषद् में ईश द्वारा आत्मा के स्वरूप का दिव्य वर्णन तथा भक्ति के सोपान ज्ञानमार्ग और कर्ममार्ग का गूढ़ ज्ञान है।


संकेत
यह मंत्र परमेश्वर के अनंत आकार का बोध कराता है। चराचर जगत में जो कुछ भी है वह सब परमेश्वर द्वारा आच्छादानीय  है, उन्हीं के द्वारा निर्मित हुआ है। सूक्ष्म से लेकर विशालतम, जो कुछ भी है वह सब ईश्वर के द्वारा दिया गया, ईश्वर का ही  और ईश्वर स्वरूप ही है। इसलिए जो कुछ भी दृश्य-अदृश्य है सब उन्हीं परमेश्वर का ही है उन्हीं की कृपा से तुम्हें मिला हुआ 
है अतः तुम उन पदार्थों पर 'जो कि तुम्हारा नहीं है' अपना अधिकार न जताते हुए त्याग भाव से उसका उपभोग करते हुए नियमों का पालन करो। लालच के वशीभूत होकर किसी और के धन की इच्छा न करो।
तात्पर्य
सब पर शासन करने वाला ईश परमेश्वर परमात्मा है वही सब जीवों का आत्मा होकर अंतर्यामीरूप से ही सबपर शासन करता है। ईश्वर तुममे है तुम ईश्वर में हो, यही परमसत्य है। वासनाओं से रहित होकर व्यर्थ की आकांक्षा न करो। किसी के भी धन की इच्छा न करो क्योंकि, धन किसी एक का नहीं सब परमेश्वर का है। सब आत्मा से उत्पन्न हुआ,आत्मरूप ही होने के कारण मिथ्या पदार्थ विषयक आकांक्षा अर्थहीन है। जो ईश्वर का है अतः तुम्हारा नहीं परन्तु, तुम उसका अनाधिकार भाव से उपभोग कर सकते हो क्योंकि, ईश्वर का अंश आत्मा तुम्हारे भीतर विद्यमान है। जो ऐसा मान लेता है उसका त्याग पर अधिकार हो जाता है। परमेश्वर भी आत्मा ही है इस प्रकार की ईश्वरीय भावना से आसक्तिभाव समाप्त हो जाता है और सभी विषय परित्यक्त हो जाते हैं।

आज का ज्योतिषीय उपाय
सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए इस मंत्र का करे जाप 
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed