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खुल गये श्री हेमकुंड साहिब के कपाट, जानें जरूरी बातें
गोपेश्वर/ब्यूरो
Updated Sat, 25 May 2013 08:30 AM IST
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चारधामों के बाद अब सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की तैयारी चल रही है। इस बार हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को खुलेंगे।
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हेमकुंड साहिब के प्रमुख ट्रस्टी और उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन इंदरजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि कपाट 12 अक्टूबर को बंद होंगे। इससे पहले कपाट पहली जून को खुलते और पांच अक्तूबर को बंद होते थे।
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हेमकुंड साहिब तीर्थ को हवाई सेवा और रोपवे से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने हरी झंडी दे दी है लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के चलते रोपवे कार्य सर्वे से आगे नहीं बढ़ पाया है।
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हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा अत्यधिक कठिन है। हेमकुंड साहिब जाने के लिए ऋषिकेश तक रेलमार्ग से और फिर सड़क मार्ग से 272 किलोमीटर की दूरी तय कर यात्री गोविंदघाट पहुंचते हैं।
यहां से 19 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर पवित्र हेमकुंड साहिब और लक्ष्मण लोकपाल मंदिर पहुंचा जा सकता है। गोविंदघाट से 13 किमी की दूरी पर घांघरिया नामक स्थान स्थित है।
हेमकुंड साहिब में ठहरने की व्यवस्था न होने पर तीर्थयात्री रात्रि विश्राम के लिए 6 किमी नीचे वापस घांघरिया पहुंचते हैं। अधिक ऊंचाई पर होने के कारण हेमुकंड साहिब में अक्सर मौसम अत्यधिक ठंडा रहता है।
डंडी कंडी की व्यवस्था
पैदल चढ़ाई करने में असमर्थ यात्रियों के लिए गोविंदघाट में डंडी, कंडी और घोडे़ मौजूद रहते हैं, जिनमें बैठकर तीर्थयात्री भी हेमकुंड व पवित्र सरोवर के दर्शन कर पुण्य अर्जित करते हैं।
डंडी संचालक वजन के हिसाब से तीन दिन का पैकेज लेकर तीर्थयात्रियों को हेमकुंड तक ले जाते हैं। एक दिन गोविंद घाट से घांघरिया तक जाया जाता है। दूसरे दिन हेमकुंड साहिब के दर्शन कर पुन: घांघरिया और तीसरे दिन गोविंद घाट आते हैं।
डंडी-कंडी किराया
डंडी 8000 रुपये (वयस्क तीर्थयात्री)
डंडी 2500 रुपये (शिशु यात्री)
कंडी 3000 रुपये
घोड़ा 3000 रुपये
यात्रा संबंधित जानकारी के लिए यहां संपर्क करें
ऋषिकेश गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी-7500241970, 71 और 72
जोशीमठ गुरुद्वारा-7500241976
गोविंदघाट गुरुद्वारा कमेटी- 7579041090
वेबसाइट- डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट गुरुद्वाराश्री हेमकुंड साहिब डॉट कॉम।
यहां है ठहरने की व्यवस्था
यात्रा के दौरान तीर्थयात्री गुरुद्वारा हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, जोशीमठ, गोविंदघाट और गोविंदघाम घांघरिया में रात्रि विश्राम के लिए ठहर सकते हैं। यहां खानपान की भी उचित व्यवस्था रहती है।