शनि की शांति के लिए शुभ है ये दिन, एेसे करें पूजा
कुंडली में शनि की खराब दशा में व्यक्ति कई तरह की बीमारियों से घिर जाता है और इस समय किया गया सही काम भी गलत परिणाम देता है। अगर आपके साथ ही कुछ ऐसा ही हो रहा है तो आपको गुरुवार शनि जयंती वाले दिन शनि शांति की साधना करनी चाहिए। इस साधना को सही तरीके से करने पर शनि का प्रभाव कम होता है। जानें शनि शांति साधना करने का सही तरीका
- ये साधना सिर्फ एक दिन की होती है, जो शनि जयंती वाले दिन की जाती है।
- शनि जयंती को सबसे पहले स्नान करके साफ सुथरे कपड़े पहनकर काले रंग के आसन पर पश्चिम दिशा कर तरफ मुंह करके बैठें।
- दाएं हाथ में जल लेकर उसमें कुंकम, अक्षत, फूल आदि लेकर अपना नाम, पति या पिता का नाम, गौत्र, स्थान आदि का नाम लेकर 'शनि शांति साधना विधान करिष्यामी' कहते हुए जल को पास के किसी प्लेट में डाल दें। ऐसा करके आपने इसका संकल्प लिया।
- किसी चौकी पर काला बिछाकर एक थाली स्थापित करें और इस थाली में कुंकुम से ऊँ शं शनैश्चराय लिखकर काले तिल की तीन ढेरी बनाकर उसपर पुरुषाकर शनि यंत्र, शनि मंत्र, से वेष्ठित खाली ताबीज, शनि यंत्र लॉकेट और काले हकीक की माला स्थापित करें। घी का दीपक प्रज्जवलित करें।
- थाली में रखी सभी चीजों को शुद्घ जल से स्नान करवाने के बाद पंचामृत से भी स्नान करवाएं। इसके बाद यंत्र, ताबीज और लॉकेट को एक बार शुद्घ पानी से स्नान करवाएं और थाली में फिर से स्थापित करें।
- इन सबके बाद कुंकुम, अक्षत, फूल से सभी चीजों की पूजा करें और प्रसाद चढ़ाएं।