फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Shani Dev Puja Vidhi know aarti lyrics in hindi

Shani Dev: इस विधि से करें शनि देव की पूजा, हर मनोकामना होगी पूरी

Wed, 08 May 2024 03:08 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मेघा कुमारी Updated Wed, 08 May 2024 03:08 PM IST
सार

Shani Dev Puja Vidhi: शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित होता है। इस दिन इनकी पूजा करने से जातकों को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। 

विज्ञापन
Shani Dev Puja Vidhi know aarti lyrics in hindi
shani dev puja vidhi - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Shani Dev Puja Vidhi: शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित होता है। इस दिन इनकी पूजा करने से जातकों को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। हालांकि, रोजाना भी उनकी पूजा करना शुभ माना जाता है। शनि देव की विधि अनुसार पूजा अर्चना करने से जातक पर उनकी कृपा बनी रहती है। ज्योतिष में उन्हें न्याय का देवता कहा जाता है। वह व्यक्ति को कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। माना जाता है कि, जिस व्यक्ति पर शनि देव की कृपा होती है उसके बिगड़े काम बनने लगते है। साथ ही जीवन में तरक्की के योग बनते हैं। शनि देव कुंभ राशि और मकर राशि के स्वामी ग्रह है। इन जातकों पर उनकी विशेष कृपा बनी रहती है। लेकिन नियमानुसार महाराज की पूजा करने से हर कोई उनकी कृपा पा सकता है।

विज्ञापन


आमतौर पर सही विधि न पता होने के कारण पूजा में कुछ गलतियां हो जाती है। इसका प्रभाव पूजा पर पड़ता है। ऐसे में आइए शनि देव की पूजा की सही विधि के बारे में जान लेते हैं।

विज्ञापन

शनि देव पूजा विधि
शनि देव की पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। फिर शनि देव के सामने दीपक प्रज्वलित करें। यदि शनिवार के दिन पूजा कर रहे हैं, तो उन्हें तेल अर्पित करें। पूजा में शनि देव को पुष्प अर्पित करें। इस दौरान भोग भी लगाएं । बाद में पूजा करें। इस दौरान यजुर्वेद के मंत्र का जाप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है: ‘शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये.शं योरभि स्त्रवन्तु न:।।

शनि देव की आरती


जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।

सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥

जय जय श्री शनि देव....

श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी।

नी लाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥

जय जय श्री शनि देव....

क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी।

मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥

जय जय श्री शनि देव....

मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।

लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥

जय जय श्री शनि देव....

जय जय श्री शनि देव....

देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी।

विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥

जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी।।

जय जय श्री शनि देव....

 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये खबर लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस खबर में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed