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Sawan Mangala Gauri Vrat 2024: सावन का दूसरा मंगला गौरी व्रत आज, सौभाग्य प्राप्ति के लिए क्या करें क्या न करें

Tue, 30 Jul 2024 07:09 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Tue, 30 Jul 2024 07:09 AM IST
सार

मंगला गौरी व्रत की कथा का श्रवण करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। कथा सुनने से व्रत का फल प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

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Sawan Mangala Gauri Vrat 2024 Date Puja Vidhi Muhurat Upay and Follow Astro Remedies
मंगला गौरी व्रत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Sawan Mangala Gauri Vrat 2024: सावन के महीने में मंगला गौरी व्रत का विशेष महत्व है। जो विवाहित महिलाओं द्वारा अखंड सौभाग्य और पारिवारिक सुख-शांति के लिए रखा जाता है। यह व्रत देवी गौरी को समर्पित होता है और उनके आशीर्वाद से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। सावन का यह पवित्र समय ईश्वर की उपासना और आत्मसुधार के लिए उत्तम अवसर प्रदान करता है। इस दिन का सही तरीके से पालन करने से न केवल व्यक्ति को आत्मिक संतोष मिलता है, बल्कि उनके परिवार में भी सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। सावन के दूसरे मंगलवार को इस व्रत का पालन करते समय कुछ विशेष बातें ध्यान में रखनी चाहिए, जिससे व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो सके।
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मंगला गौरी पर क्या करें
व्रत का संकल्प

मंगला गौरी व्रत के दिन महिलाएं सबसे पहले स्नान कर शुद्ध और शुभ रंगों के वस्त्र धारण करें फिर व्रत का संकल्प लेकर इसे पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ निभाएं। इस दिन अन्न का सेवन न करें और केवल फल, दूध या फलाहार का ही सेवन करें। व्रत का संकल्प लेने से पूर्व भगवान गणेश और माता पार्वती का ध्यान करें ताकि व्रत सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
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मंगला गौरी की पूजा
इसके बाद, देवी पार्वती की मूर्ति या चित्र स्थापित करें और विधिपूर्वक पूजा करें। पूजा में विशेष रूप से लाल फूल, सिंदूर, कुमकुम, अक्षत, हल्दी, दूध, दही, घी, और शहद का उपयोग करें। पूजन के समय ‘ओम मंगलायै नमः’ मंत्र का जाप करें।
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कथा का श्रवण
मंगला गौरी व्रत की कथा का श्रवण करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। कथा सुनने से व्रत का फल प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। कथा के माध्यम से महिलाएं देवी गौरी के प्रति अपनी भक्ति और समर्पण को और अधिक सुदृढ़ करती हैं।

भोग और आरती
पूजा के अंत में मंगल गौरी को विशेष भोग अर्पित करें। भोग में गुड़, चने, और विभिन्न प्रकार के मिठाई शामिल करें। इसके पश्चात आरती करें और प्रसाद का वितरण करें।

सुहाग सामग्री का दान
इस दिन सुहागन महिलाएं सुहाग की सामग्री जैसे चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, महावर आदि का दान करें। इसे सुहागिन स्त्रियों को देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। यह दान सौभाग्य और वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

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मंगला गौरी पर क्या ना करें
तामसिक भोजन से परहेज
सावन के दूसरे मंगलवार को तामसिक भोजन जैसे मांस, मछली, और अंडे का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे व्रत का प्रभाव कम हो जाता है और धार्मिक मान्यता अनुसार अशुभ होता है।

नकारात्मक विचार और शब्द
इस दिन नकारात्मक विचार और शब्दों से बचना चाहिए। आपसी कलह और द्वेष को दूर रखें, क्योंकि यह आपके व्रत और पूजा को प्रभावित कर सकता है।

रात्रि जागरण से बचें
इस दिन रात्रि जागरण नहीं करना चाहिए। समय पर सोने और उठने से जीवन में अनुशासन और स्वास्थ्य में सुधार होता है।

आलस्य और लापरवाही
सावन के दूसरे मंगलवार को आलस्य और लापरवाही से बचें। इस दिन पूरी तत्परता और श्रद्धा से पूजा और व्रत का पालन करना चाहिए।

दूसरों की आलोचना
इस दिन दूसरों की आलोचना और निंदा से बचें। यह आपके मानसिक और आध्यात्मिक विकास में बाधा उत्पन्न कर सकता है।
 
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