फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   rama ekadashi vrat katha

रमा एकादशी, तुलसी से प्रसन्न होंगे लक्ष्मी नारायण

Tue, 29 Oct 2013 04:01 PM IST
Updated Tue, 29 Oct 2013 04:01 PM IST
विज्ञापन
rama ekadashi vrat katha

हर साल दीपावली से चार दिन पहले कार्तिक कृष्ण एकादशी तिथि के दिन भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा करने का विधान है।

विज्ञापन


इस एकादशी को रमा एकादशी एवं रंभा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। चतुर्मास की अंतिम एकादशी होने के कारण इसका विशेष महत्व बताया गया है।

यह एकादशी इस वर्ष 30 नवंबर बुधवार को है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन लक्ष्मी नारायण का ध्यान करते हुए व्रत रखता है उसे अपार पुण्य की प्राप्ति होती है।

व्यक्ति पाप कर्मों के प्रभाव से मुक्त होकर उत्तम लोक में स्थान प्राप्त करने का अधिकारी बन जाता है। इस व्रत में तुलसी की पूजा एवं भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करने का बड़ा महात्म्य है।
विज्ञापन


रमा एकादशी कथा

रमा एकादशी की कथा के अनुसार प्राचीन काल में मुचुकंद नामक के राजा के दामद शोभन ने यह व्रत किया। शारीरिक रूप से कमजोर होने के कारण शोभन भूख प्यास सहन नहीं कर पाया और उसके प्राण छूट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन व्रत के प्रभाव से शोभन को उत्तम स्थान प्राप्त हुआ हैं। रंभादि अप्सराएं शोभन की सेवा में रहने लगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed