New Year Resolution 2022: गीता के इन मूलमंत्रों के जरिए लें नए साल के संकल्प, जीवन में मिलेगी सफलता
New Year Resolution 2022: गीता के इन मूलमंत्र को ध्यान में रखते हुए यदि आप कोई भी नया संकल्प लेते हैं तो यकीन मानिए आप कभी भी निराश नहीं होंगे। तो चलिए जानते हैं इन मूलमंत्रों के बारे में-
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New Year Resolution 2022: नया साल आने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। साल 2021 बीतने के साथ ही हम साल 2022 के आने की खुशी मनाएंगे। हर साल की तरह आने वाले साल में भी ईश्वर से यही प्रार्थना करेंगे कि साल 2022 सबके लिए उत्तम स्वास्थ्य और सफलता लेकर आए। नया साल आते ही हमारे मन मस्तिष्क में एक और बात जहन में आती है और वो कुछ नया संकल्प लेने की। नए साल के संकल्प में लोग ख़ुद से वादा करते हैं कि वे इस बार किसी खास चीज के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। नया साल शुरू होने वाला है तो क्यों ना हम इस नए साल श्रीमद् भगवत गीता के उपदेशों को अपने जीवन में उतार लें और अपने जीवन को खुशियों से भर लें। गीता के इन मूलमंत्र को ध्यान में रखते हुए यदि आप कोई भी नया संकल्प लेते हैं तो यकीन मानिए आप कभी भी निराश नहीं होंगे। तो चलिए जानते हैं इन मूलमंत्रों के बारे में-
समय प्रबंधन को समझे
साल 2022 में आपको जो सबसे पहला संकल्प लेना चाहिए वो है समय का सही उपयोग करना सीखें। वो कहते हैं न समय और लहरें किसी की प्रतीक्षा नहीं करतीं। अगर व्यक्ति ने समय की कीमत को समझ लिया और उसका सदुपयोग करना सीख गया तो उसे जीवन में सफलता प्राप्त करने में कभी कोई अड़चन नहीं आएगी। गीता में कहा गया है कि जिसने समय के महत्व को जान लिया उसने अपने जीवन के पहले पड़ाव को पार कर लिया। समय पर काम करने की आदत वाल व्यक्ति जीवन में हमेशा उन्नति ही करता है।
भोजन को दें महत्व
भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि जीवन में सफल बनने के लिए मनुष्य को सदैव सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए। यदि आप तामसिक भोजन के शौकीन हैं तो नए साल पे संकल्प लें कि अब आप सात्विक भोजन ही ग्रहण करेंगे। गीता में कहा भी गया है सात्विक आहार का मन पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। जिससे नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है और व्यक्ति का हृदय निर्मल होता है। मन में कभी भी किसी प्रकार की अनुचित बातें नहीं आती और आत्मिक शांति महसूस होती है।
स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी पूंजी है
भगवान श्री कृष्ण ने गीता में इस बात पर जोर देते हुए कहा है कि स्वास्थ्य से बढ़कर कोई धन नहीं है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए मनुष्य को संतुलित आहार लेना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ आत्मा का वास होता है। मनुष्य स्वस्थ रहेगा तभी वह नियमित भगवान की भक्ति, उपासना, साधना, दैनिक एवं सामाजिक कार्य कर पाएगा। तो नए साल पर आप संकल्प लें कि अपने स्वास्थ्य का आप पूर्ण रूप से ध्यान रखेंगे। स्वस्थ शरीर के लिए अपने खान पान की आदतों में सकारात्मक बदलाव करेंगे और संतुलित भोजन ग्रहण करेंगे।