दुर्गा सप्तशती का पाठ समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला है। 17 अक्तूबर से नवरात्रि आरंभ हो गई हैं। इन दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। यह पाठ करने से मां भगवती प्रसन्न होकर अपनी कृपा दृष्टि करती हैं। दुर्गा सप्तशती का पाठ तेरह अध्यायो और तीन चरणो में बंटा हुआ है। इन तेरह अध्यायों का पाठ नियम और निष्ठा के साथ करने से मन की मुराद पूरी होती है। दुर्गा सप्तशती का मतलब होता है, दुर्गा अर्थात दुर्ग यानि किला, सप्तशती अर्थात सात सौ यानि की जिस ग्रंथ में सात सौ मंत्रों को समाहित किया गया हो। इस पाठ को करने से दुर्गा मां असीम कृपा बरसाती हैं। जानते हैं कैसे करना चाहिए दुर्गा सप्तशती का पाठ क्या रखनी चाहिए सावधानियां...
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Navratri 2020: कैसे करें दुर्गा सप्तशती पाठ, जानें नियम और सावधानियां
Mon, 19 Oct 2020 09:06 AM IST
Shashi Shashi
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Mon, 19 Oct 2020 09:06 AM IST
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Navratri 2020
- फोटो : Amar Ujala
नवरात्रि 2020
- फोटो : social media
दुर्गा सप्तशती का पाठ करते समय शुद्धता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है, इसलिए सर्वप्रथम स्नानादि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। उसके बाद आसन पर बैठे। बैठने के लिए कुशा के आसन का प्रयोग करें अगर आपके पास कुशा का आसन नहीं है तो ऊन के बने हुए आसन का प्रयोग कर सकते हैं। उसके बाद गणेश जी एवं सभी देवगणों को प्रणाम करें। माथे पर चंदन या रोली का तिलक लगाएं। पूर्व की ओर मुख करके आचमन करें। उसके बाद अपने हाथ में कुश की पवित्री धारण करें और लाल पुष्प, अक्षत एवं जल मां को अर्पित करते हुए संकल्प लें। दुर्गा सप्तशती की किताब का पंचोपचार पूजन करें तत्पश्चात नर्वाण मंत्र से पुस्तक को विराजमान करें। इसके बाद शापोद्धार करना आवश्यक होता है। फिर आरंभ करने से पहले उत्कीलन मंत्र का जापकरें। इस मंत्र को आरंभ और अंत में 21 बार जप करना चाहिए।
navratri 2020
- फोटो : अमर उजाला
- इसके बाद मां दुर्गा का ध्यान करते हुए पाठ का आरंभ करें। इस तरह से मां दुर्गा सप्तशती का पाठ करने पर सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। जानते हैं मां दुर्गा का पाठ करते समय क्या सावधानियां रखनी चाहिए।
- दुर्गा सप्तशती का पाठ न ज्यादा तेज स्वर में करें न ज्यादा धीमें। दुर्गा सप्तशती का पाठ करते समय उच्चारण स्पष्ट होना चाहिए। सप्तशती का पाठ सस्वर और एक लय में करने का महत्व माना जाता है।
- अगर आप एक दिन में पाठ पूरा नहीं कर सकते हैं, तो कम से कम जो अध्याय आरंभ किया है उसे पूरा करके ही उठे और दूसरे दिन पाठ करें।
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Navratri 2020
- फोटो : Amar Ujala
- दुर्गा सप्तशती का पाठ करते समय सिले हुए वस्त धारण नहीं करने चाहिए। पुरुषो को धोती और स्त्रियों को साड़ी धारण करनी चाहिए।
- दुर्गा सप्तशती का पाठ करते समय एकाग्रचित होना आवश्यक होता है। इसलिए पाठ करते समय आलस न करें और जम्हाई ने लें। मां दुर्गा में ध्यान लगाने का प्रयास करें। पाठ करते समय बीच में किसी और से बात न करें।
- अगर पाठ करते समय आपका हाथ पैर से स्पर्श हो जाता है, तो सबसे पहले जल से हाथों को धाएं, उसके बाद ही पुस्तक को स्पर्श करें। क्योंकि दुर्गा सप्तशती का पाठ करते समय शुद्धता का ध्यान रखना बहुत आवश्यक होता है।