फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Masik Kalashtami 2024 Date Know Tithi Shubh Muhurat and Significance in Hindi

Masik Kalashtami 2024: कालाष्टमी आज, जानिए भगवान कालभैरव की उपासना का महत्व और पूजाविधि

Sun, 03 Mar 2024 04:06 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Sun, 03 Mar 2024 04:06 AM IST
सार

हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। फाल्गुन माह की कालाष्टमी 3 मार्च, रविवार को है। इसी दिन भानु सप्तमी और शबरी जयंती भी मनाई जाएगी। ऐसे में कालाष्टमी का दिन बहुत शुभ माना जा रहा है।

विज्ञापन
Masik Kalashtami 2024 Date Know Tithi Shubh Muhurat and Significance in Hindi
धर्मग्रंथों में भगवान काल भैरव को शिवजी का उग्र स्वरूप माना गया है। इनकी उपासना से व्यक्ति को जीवन के सभी दुखों से छुटकारा मिलता है।

विस्तार

Masik Kalashtami 2024: हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। फाल्गुन माह की कालाष्टमी 3 मार्च, रविवार को है। इसी दिन भानु सप्तमी और शबरी जयंती भी मनाई जाएगी। ऐसे में कालाष्टमी का दिन बहुत शुभ माना जा रहा है। इस दिन भगवान काल भैरव की पूजा की जाती है। भैरव, शिव के गण और पार्वती के अनुचर माने जाते हैं। हिंदू देवताओं में भैरव का बहुत ही महत्व है। भैरव का अर्थ होता है भय को हर के जगत की रक्षा करने वाला। ऐसा भी मान्यता है कि भैरव शब्द के तीन अक्षरों में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों की शक्ति समाहित है। इन्हें काशी के कोतवाल भी कहा जाता है। इनकी  शक्ति का नाम है 'भैरवी गिरिजा ',जो अपने उपासकों की अभीष्ट दायिनी हैं। इनके दो रूप है पहला बटुक भैरव जो भक्तों को अभय देने वाले सौम्य रूप में प्रसिद्ध है तो वहीं काल भैरव अपराधिक प्रवृतियों पर नियंत्रण करने वाले भयंकर दंडनायक है।

विज्ञापन


कालाष्टमी का महत्व
धर्मग्रंथों में भगवान काल भैरव को शिवजी का उग्र स्वरूप माना गया है। इनकी उपासना से व्यक्ति को जीवन के सभी दुखों से छुटकारा मिलता है और घर में खुशियों का आगमन होता है। कालाष्टमी के दिन काल भैरव की पूजा करने से भक्तों को किसी भी तरह के भय, रोग, शत्रु और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। साथ ही किसी भी तरह का वाद विवाद, कोर्ट कचहरी के मामलों से छुटकारा पाने में भी भगवान काल भैरव आपकी मदद करते हैं। इनकी पूजा-अर्चना करने से राहु केतु के बुरे दोष से भी मुक्ति मिलती है। इनकी पूजा-आराधना से घर में नकारात्मक शक्तियां, जादू-टोने और भूत-प्रेत आदि से किसी भी प्रकार का भय नहीं रहता बल्कि इनकी उपासना से मनुष्य का आत्मविश्वास बढ़ता है।
विज्ञापन


कालभैरव की पूजाविधि
कालाष्टमी के दिन सुबह ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान आदि कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। संभव हो तो गंगाजल नहाने के जल में डालें। इसके बाद काल भैरव के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। भैरव को प्रसन्न करने के लिए उड़द की दाल या इससे निर्मित मिष्ठान जैसे इमरती,मीठे पुए या दूध-मेवा का भोग लगाया जाता है, चमेली का पुष्प इनको अतिप्रिय है। कालभैरव के समक्ष चौमुखी दीपक जलाएं और धूप-दीप से आरती करें। कालभैरव जी का नाम उच्चारण, मंत्र जाप, स्तोत्र, आरती इत्यादि तत्काल प्रभाव देता है और मनुष्य की दैहिक, देविक,भौतिक एवं आर्थिक समस्याएं समाप्त हो जाती हैं। नित्य भैरव चालीसा के पाठ से बड़े से बड़ा कष्ट भी समाप्त हो जाता है। कोर्ट-कचहरी के मामलों से भी मुक्ति मिलती है और प्रेत बाधा की भी मुक्ति मिलती है। श्री कालभैरव अष्टकम का पाठ करने से ज्ञान, पुण्य, सद्मार्ग, ग्रह बाधा से मुक्ति, पर्याप्त लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।  

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed