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Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Holashtak 2025 Rules Upay and Impotance before 8 Days of Holika Dahan

Holashtak 2025: होलाष्टक के दिनों में क्या करें जिससे न रहे घर में नकारात्मकता,जानिए कुछ आसान उपाय

Thu, 06 Mar 2025 11:26 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 06 Mar 2025 11:26 AM IST
सार

होलाष्टक के दौरान हनुमान जी की आराधना बहुत लाभकारी मानी जाती है। मान्यता है कि हनुमान जी की कृपा से नकारात्मक शक्तियां और अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाते हैं।

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Holashtak 2025 Rules Upay and Impotance before 8 Days of Holika Dahan
होलाष्टक में घर को पवित्र और सकारात्मक बनाए रखने के लिए गौमूत्र और गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। - फोटो : adobe stock

विस्तार

Holashtak 2025: फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से पूर्णिमा तक के आठ दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। इस दौरान ग्रहों की स्थिति उग्र रहती है, जिससे नकारात्मक ऊर्जा और अशुभ प्रभाव बढ़ सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय शुभ कार्यों जैसे विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों से बचना चाहिए। लेकिन यदि कुछ विशेष उपाय किए जाएं, तो घर में सकारात्मकता बनी रह सकती है और नकारात्मक ऊर्जा का असर कम हो सकता है।

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हनुमान जी की उपासना करें
होलाष्टक के दौरान हनुमान जी की आराधना बहुत लाभकारी मानी जाती है। मान्यता है कि हनुमान जी की कृपा से नकारात्मक शक्तियां और अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाते हैं। इन दिनों प्रतिदिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें। मंगलवार और शनिवार के दिन विशेष रूप से हनुमान मंदिर जाकर गुड़-चने का भोग लगाएं और वहां दीप जलाएं। घर में लाल रंग के फूलों से हनुमान जी की पूजा करने से भी सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और परिवार के सदस्यों पर किसी भी नकारात्मक शक्ति का असर नहीं होता।
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गौमूत्र और गंगाजल से घर का शुद्धिकरण करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक में घर को पवित्र और सकारात्मक बनाए रखने के लिए गौमूत्र और गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। यह न केवल वातावरण को शुद्ध करता है बल्कि घर में उपस्थित किसी भी नकारात्मक ऊर्जा को भी समाप्त करता है। इसके अलावा, सुबह और शाम को घर में गुग्गुल, लोबान या गौधृत से धूप देने से नकारात्मकता दूर होती है।  
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नकारात्मक रंग के कपड़े पहनने से बचें
होलाष्टक का संबंध रंगों से भी होता है, क्योंकि यह होली से पहले का समय होता है और रंगों का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इन दिनों में गहरे और नकारात्मक रंगों जैसे काले, भूरे और गहरे नीले रंग के कपड़े पहनने से बचें। ये रंग नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकते हैं और मानसिक अशांति बढ़ा सकते हैं। इसके बजाय, हल्के और शुभ रंगों जैसे सफेद, पीला, गुलाबी, नारंगी और हल्का हरा रंग पहनें। ये रंग सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के वाहक माने जाते हैं।


गेहूं और काले तिल का दान करें
दान-पुण्य का महत्व होलाष्टक के दौरान और अधिक बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इन दिनों में दान करने से ग्रह दोष और पितृ दोष शांत होते हैं। विशेष रूप से गरीबों, ब्राह्मणों और गौशाला में अन्न और वस्त्र का दान करने से घर में शुभता बनी रहती है।

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घर के मुख्य द्वार पर हल्दी, कुमकुम और गुलाल का छिड़काव करें
मुख्य द्वार से ही घर में सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। होलाष्टक के दौरान घर के प्रवेश द्वार पर हल्दी और कुमकुम का छिड़काव करना शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और किसी भी प्रकार की बुरी शक्तियां प्रवेश नहीं कर पातीं।  

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