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Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Guru Purnima 2023 Date Tithi Muhurat Puja Vidhi Importance And Significance

Guru Purnima 2023 Date: इस दिन है गुरु पूर्णिमा का पर्व, नहीं होती गुरु बिना कर्मफल की प्राप्ति

Mon, 26 Jun 2023 07:17 AM IST
विनोद शुक्ला आचार्य डॉ.धनंजय दुबे
आचार्य डॉ.धनंजय दुबे Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 26 Jun 2023 07:17 AM IST
सार

गुरु अपने ज्ञान से शिष्य को सही मार्ग पर ले जाते हैं और जीवन में अध्यात्म और कर्म का नीति-अनीति का बोध करवाते हैं। इसलिए गुरुओं के सम्मान में हर वर्ष यह पर्व मनाया जाता है। गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु के अलावा भगवान शिव और माता पार्वती की भी पूजा की जाती है।

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Guru Purnima 2023 Date Tithi Muhurat Puja Vidhi Importance And Significance
guru purnima 2023: गुरु अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर ले जाते हैं। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Guru Purnima 2023 Date: इस साल गुरु पूर्णिमा का पर्व 3 जुलाई, सोमवार को मूल नक्षत्र और ब्रह्मा योग में मनाया जाएगा। इस दिन चन्द्रमा धनु राशि में गोचर करेंगे और इसी के साथ व्यासजी की पूजा की जाएगी अर्थात वेद व्यास जी का जन्मोत्सव भी मनाया जाएगा। गुरु पूर्णिमा हर वर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। इस पूर्णिमा को आषाढ़ पूर्णिमा, व्यास पूर्णिमा और वेद व्यास जयंती के नाम से भी जाना जाता है। गुरु पूर्णिमा के दिन शिष्य अपने गुरुओं का पूजन कर आशीर्वाद लेते हैं और गुरु के प्रति आभार व्यक्त करते हैं क्योंकि गुरु अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर ले जाते हैं। सनातन धर्म में गुरु को भगवान से भी श्रेष्ठ माना जाता है। गुरु ही भगवान के बारे में बताते हैं और इनके बिना ब्रह्मज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती है। 

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गुरु पूर्णिमा गुरु शिष्य की परंपरा के लिए विशेष होता है। गुरु अपने ज्ञान से शिष्य को सही मार्ग पर ले जाते हैं और जीवन में अध्यात्म और कर्म का नीति-अनीति का बोध करवाते हैं। इसलिए गुरुओं के सम्मान में हर वर्ष यह पर्व मनाया जाता है। गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु के अलावा भगवान शिव और माता पार्वती की भी पूजा की जाती है। इस दिन गाय की पूजा, सेवा और दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और आरोग्य की प्राप्ति होती है। वहीं गुरु की पूजा करने से कुंडली में गुरु दोष समाप्त होता है।
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जीवन में गुरु क्यों होना चाहिए? 
-गुरु के सानिध्य में रहने से जीवन भयमुक्त रहता है।
-कर्म के प्रति आध्यात्मिक मार्ग और किए हुए कर्म का पुण्य फल प्राप्ति होती है।
-गुरु की आज्ञा से की गई पूजा, यज्ञ, हवन, जाप, अनुष्ठान और दिया हुआ दान सफल होता है।
-गुरु के सानिध्य में किए हुए कर्म द्वारा प्राप्त धन सम्पदा संचित होती है और शुभ कार्यों में उपयोग होता है।
-जिस घर में नित्य गुरु मंत्र का जाप होता है वहां के समस्त दोषों का निवारण हो जाता है।
-गुरु का आशीर्वाचन सदैव आपको सात्विक शक्ति प्रदान करता है।
- जिस घर में गुरु के चरण पड़ते हैं वहां के लोगों पर सदैव ईश्वरीय कृपा बनी रहती है।

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