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Guru Purnima 2020: कब है गुरु पूर्णिमा? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Sat, 27 Jun 2020 12:08 AM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: योगेश जोशी Updated Sat, 27 Jun 2020 12:08 AM IST
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गुरु को भगवान से भी श्रेष्ठ माना जाता है - फोटो : रोहित झा, अमर उजाला
गुरु को भगवान से भी श्रेष्ठ माना जाता है, क्योंकि गुरु ही भगवान के बारे में बताते हैं और भगवान की भक्ति का मार्ग दिखाते हैं। गुरु के बिना ज्ञान की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। हर साल आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि के दिन गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है।


इस दिन गुरु की पूजा का विशेष महत्व होता है। भारत में इस दिन को बहुत श्रद्धा- भाव से मनाया जाता है। धार्मिक शास्त्रों में भी गुरु के महत्व को बताया गया है। आइए जानते हैं इस साल कब मनाया जाएगा गुरु पूर्णिमा का पर्व और इस दिन का महत्व...


 
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आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि के दिन गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाता है - फोटो : अमर उजाला

गुरु पूर्णिमा तिथि

  • हर साल आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि के दिन गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाता है। इस साल यह तिथि 5 जुलाई को पड़ रही है। 5 जुलाई रविवार को गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाएगा।

गुरु पूर्णिमा के दिन कराएं सत्यनारायण कथा एवं ब्राह्मण भोज

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गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व प्राचीन काल से मनाया जा रहा है - फोटो : अमर उजाला

प्राचीन काल से मनाया जा रहा ये पर्व

  • गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व प्राचीन काल से मनाया जा रहा है। धार्मिक कथाओं के अनुसार प्राचीन काल में गुरुकुल में शिष्य इस दिन को बड़े ही श्रद्धा भाव से मनाते थे। इस दिन गुरु की विशेष पूजा का आयोजन किया जाता था।


गुरु पूर्णिमा पर हर की पौड़ी हरिद्वार में कराएं सत्यनारायण कथा एवं ब्राह्मण भोज

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गुरु पूर्णिमा के पावन दिन महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन व्यास का जन्म हुआ था - फोटो : Social media

कृष्ण द्वैपायन व्यास का जन्मदिवस 

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरु पूर्णिमा के पावन दिन महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन व्यास का जन्म भी हुआ था। कृष्ण द्वैपायन व्यास संस्कृत के महान विद्वान थे। हिंदू धर्म में 18 पुराणों का जिक्र है, जिनके रचयिता भी महर्षि वेदव्यास ही हैं। साथ ही वेदों को विभाजित करने का श्रेय भी कृष्ण द्वैपायन व्यास जी को जाता है, जिस वजह से इनको वेदव्यास के नाम से भी जाना जाता है। 


 

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महर्षि वेदव्यास जी को आदिगुरु भी कहा जाता है - फोटो : Social media

व्यास पूर्णिमा

  • महर्षि वेदव्यास जी को आदिगुरु भी कहा जाता है, जिस वजह से गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन का बहुत अधिक धार्मिक महत्व होता है।

गुरु पूर्णिमा पर इस तरह कराएं पूजा-अर्चना, सारी बाधाएं होंगी दूर

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