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Eid- Ul- Fitr 2020: जानिए ईद मनाए जाने की परंपरा और चांद देखकर ही क्यों मनाते हैं ईद

Mon, 25 May 2020 12:23 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 25 May 2020 12:23 AM IST
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ईद मुबारक 2020 - फोटो : अमर उजाला

Eid Ul- Fitr 2020 : जिस तरह चांद के दीदार होने के बाद उसके अगले दिन से पाक महीना रमजान आरंभ होता है उसी प्रकार रमजान के आखिरी दिन चांद के दीदार होने के बाद अगले दिन ईद मनाई जाती है। इस बार ईद-उल-फितर जिसे मीठी ईद भी कहते है 25 मई को मनाई जाएगी। ईद पर लोग एक साथ मस्जिद में एकत्रित होकर नमाज अदा करने के बाद एक-दूसरे को ईद की बधाईयां देते हैं। इस नया कपड़ा पहनने की परंपरा होती है और अपने से कम उम्र के लोगों को ईदी देते हैं।

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ईद का त्योहार पूरी दुनिया में बसे मुस्लिम समुदाय के लोग बड़े ही धूम-धाम से मनाते हैं। रमजान के पूरे एक महीने तक लोग रोजे रखकर खुदा की इबादत करते है और खुदा का शुक्रिया करने के बाद ईद मनाई जाती है। ईद के दिन लोग गरीबों को फितरा देते ताकि वे लोग भी ईद की खुशियां मना सकें।  
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Eid Ul- Fitr 2020 : ईद मनाने की परंपरा
रमजान का महीना इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार नौवां महीना होता है। रमजान के खत्म होने के बाद 10वां महीना शव्वाल आरंभ हो जाता है। मुस्लिम समुदाय के लिए ईद-उल- फितर     और ईद-उल- जुहा दो खुशियों की पाक त्योहार होता है। रमजान में पूरे महीने रोजे रखने के बाद इसकी समाप्ति के रूप में ईद मनाई जाती है। ईद अल्लाह से ईनाम लेने का दिन है। ईद मनाने से पहले एक परंपरा निभाई जाती है जिसे फितरा कहा जाता है, इसके तहत ईद मनाने वाले हर मुस्लिम को अपने पास से गरीबों को कुछ अनाज देना जरूरी होता है जिससे वह भी खुशी से ईद मना सके


 

Eid Ul- Fitr 2020 : पहली बार ईद कब मनाई गई

  • इस्लामिक जानकारों के अनुसार पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब ने बद्र युद्ध में शत्रुओं पर विजय हासिल की थी। इसी की खुशी में तब से ईद का त्योहार मनाए जाने की परंपरा चली आ रही है। इस्लाम में माना जाता है कि पहली ईद हजरत मुहम्मद पैगंबर ने सन 624 ईस्वी में जंग-ए-बदर के बाद मनाई थी।

Eid Ul- Fitr 2020 : चांद देखकर ही क्यों मनाते हैं ईद

  • ईद उल फितर हिजरी कैलेंडर के दसवें महीने के पहले दिन मनाई जाती है और इस कलेंडर में नया महीना चांद देखकर ही शुरू होता है। ईद भी रमजान के बाद नए महीने की शुरूआत के रूप में मनाई जाती है जिसे शव्वाल कहा जाता है। जब तक चांद न दिखे रमजान खत्म नहीं होता और शव्वाल शुरू नहीं हो सकता। वैसे इसका संबंध एक एतिहासिक घटना से भी है। कहा जाता है कि इसी दिन हजरत मुहम्मद ने मक्का शहर से मदीना के लिए कूच किया था।

Eid Ul- Fitr 2020 : ईद वाले दिन क्या-क्या किया जाता है। 

  • ईद का त्योहार रमजान के पाक महीने में एक महीने तक खुदा की इबादत करने के बाद उनका शुक्रिया कहने और शांति का त्यौहार होता है।  ईद वाले दिन की शुरूआत सुबह जल्दी उठकर फजर की नमाज अदा करने से होती है। उसके बाद खुद की सफाई जैसे गुस्ल और मिस्वाक करना। इसके बाद साफ कपड़े पहनना। फिर उन पर इत्र लगाना और कुछ खाकर ईदगाह जाना। नमाज से पहले फिकरा करना भी जरूरी होता है। ईद की नमाज खुले में ही अदा की जाती है। सबसे खास बात ये है कि ईदगाह आने और जाने के लिए अलग अलग रास्तों का इस्तेमाल किया जाता है। 
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