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दिवाली में मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और मां सरस्वती पूजन का खास महत्व, जानिए इनके प्रिय फूल

Thu, 16 Oct 2025 02:36 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 16 Oct 2025 02:36 PM IST
सार

Diwali 2025 Lakshmi Ganesh And Sarswati Pujan: दीपावली के पावन अवसर पर जब धन की देवी मां लक्ष्मी, बुद्धि के अधिष्ठाता भगवान गणेश और विद्या की देवी मां सरस्वती का पूजन किया जाता है, तब पुष्पों का विशेष महत्व होता है।

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Diwali 2025 Lakshmi Ganesh And Sarswati Pujan Offer Flower Importance Vidhi Samagri List
दिवाली पर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और देवी सरस्वती की पूजा का महत्व - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

शास्त्रों में फूलों को देवताओं की अत्यंत प्रिय वस्तु माना गया है। पद्म पुराण और गरुड़ पुराण में स्पष्ट कहा गया है कि बिना पुष्प अर्पण के देवपूजन अधूरा रहता है। फूल न केवल श्रद्धा और भक्ति के प्रतीक हैं, बल्कि वे देवताओं के गुणों का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। स्कंद पुराण में कहा गया है  “पुष्पं देव प्रियम् वस्तु पुष्पं हि परमं हविः”, अर्थात पुष्प देवताओं के प्रिय हैं और इन्हें अर्पित करना एक श्रेष्ठ हवन के समान है।
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दीपावली के पावन अवसर पर जब धन की देवी मां लक्ष्मी, बुद्धि के अधिष्ठाता भगवान गणेश और विद्या की देवी मां सरस्वती का पूजन किया जाता है, तब पुष्पों का विशेष महत्व होता है। ऋग्वेद में पुष्पों को ‘पवित्र अर्पण’कहा गया है। मुरझाए, गिरे हुए या कांटेदार पुष्प पूजन में निषिद्ध माने गए हैं क्योंकि वे नकारात्मकता का प्रतीक माने जाते हैं।
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1. मां लक्ष्मी के प्रिय पुष्प-कमल
शास्त्रों में कमल को मां लक्ष्मी का सबसे प्रिय पुष्प बताया गया है। श्री सूक्त और पद्म पुराण दोनों में ही लक्ष्मी जी का संबंध कमल से जोड़ा गया है। माना जाता है कि दीपावली की रात्रि में यदि मां लक्ष्मी को 108 लाल कमल अर्पित किए जाएं तो वह अत्यंत प्रसन्न होकर भक्त की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। कमल पवित्रता, समृद्धि और वैभव का प्रतीक माना जाता है।
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2. भगवान गणेश के प्रिय पुष्प-गेंदा
गेंदा फूल को भगवान गणेश का प्रिय माना गया है। यह दृढ़ता, स्थिरता और पवित्रता का प्रतीक है। शास्त्रों के अनुसार, गणेश जी के पूजन में पीले या नारंगी रंग के गेंदा फूल का विशेष महत्व है। दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन में इन पुष्पों का प्रयोग शुभता और सौभाग्य का आह्वान करता है।

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3. मां सरस्वती के लिए श्वेत पुष्प
ज्ञान और संगीत की अधिष्ठात्री मां सरस्वती को श्वेत पुष्प अत्यंत प्रिय हैं। विष्णु धर्मोत्तर पुराण में कहा गया है कि देवी की पूजा श्वेत पुष्पों से करना अत्यंत श्रेष्ठ होता है। इस दिन चमेली और मोगरा जैसे फूलों से मां सरस्वती की आराधना करने से मन को शांति और सात्विकता प्राप्त होती है।

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4. कनेर और गुलाब का विशेष महत्व
स्कंद पुराण में कनेर को लक्ष्मी पूजन में फलदायी बताया गया है। लाल या पीले कनेर के पुष्प धन वृद्धि और सफलता के प्रतीक हैं। वहीं ब्रह्म वैवर्त पुराण में गुलाब को ‘सुरभि पुष्प’ कहकर देवी के प्रिय फूलों में गिना गया है। शास्त्रों में उल्लेख है कि गुलाब जैसे मनोहर पुष्प देवताओं का हृदय प्रसन्न करते हैं। दीपावली के पूजन में गुलाब की सुगंध वातावरण को दिव्यता और प्रेम से भर देती है। जब भक्त सच्चे भाव से इन पवित्र पुष्पों को देवी-देवताओं को अर्पित करता है, तब वे पुष्प भक्ति, श्रद्धा और शुभता के प्रतीक बन जाते हैं। इसीलिए कहा गया है  “फूलों से सजे दीपोत्सव में ही लक्ष्मी का आगमन होता है।” 

 
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