फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Choti Diwali 2024 Know The Story of Narak Chaturdashi In Hindi

Chhoti Diwali 2024: नरक चतुर्दशी के दिन क्यों मनाई जाती है छोटी दिवाली? जानें इसका महत्व

Wed, 30 Oct 2024 07:47 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति मेहरा Updated Wed, 30 Oct 2024 07:47 AM IST
सार

धार्मिक दृष्टिकोण से नरक चतुर्दशी का दिन बेहद महत्वपूर्ण होता है। क्या आप जानते हैं कि नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली क्यों कहते हैं और यह पर्व क्यों मनाया जाता है? आइए हम आपको बताते हैं और जानते हैं इस पर्व का महत्व...

विज्ञापन
Choti Diwali 2024 Know The Story of Narak Chaturdashi In Hindi
छोटी दिवाली 2024 - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

Choti Diwali 2024: आज यानी 30 अक्तूबर 2024, बुधवार के दिन छोटी दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। इसे नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है। माना जाता है कि यह पूजा करने से मृत्यु के बाद नरक में जाने से बचा जा सकता है। धार्मिक दृष्टिकोण से नरक चतुर्दशी का दिन बेहद महत्वपूर्ण होता है। क्या आप जानते हैं कि नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली क्यों कहते हैं और यह पर्व क्यों मनाया जाता है? आइए हम आपको बताते हैं और जानते हैं इस पर्व का महत्व...
विज्ञापन

 

Diwali 2024 Upay: दिवाली पर इन उपायों को करते ही बढ़ने लगती है आमदनी, इस बार जरूर अपनाएं

विज्ञापन

छोटी दिवाली का महत्व
छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन यम की पूजा करने से जातक अकाल मृत्यु से बच सकता है। साथ ही यह मृत्यु के बाद नरक में जाने से बचने का उपाय भी है। कहा जाता है कि इस दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान कृष्ण की पूजा करने से रूप सौंदर्य की प्राप्ति होती है। एक अन्य मान्यता के अनुसार राम भक्त हनुमान ने माता अंजना के गर्भ से इसी दिन जन्म लिया था। इसलिए इस दिन को हनुमान जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नरक चतुर्दशी को क्यों कहा जाता है छोटी दीपावली?
छोटी दीपावली का पर्व धनतेरस के अगले दिन मनाया जाता है। यह पांच दिवसीय त्योहार का दूसरा दिन होता है और इसके अगले दिन दीपोत्सव मनाया जाता है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार नरक चतुर्दशी का पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। दरअसल नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह दिवाली से एक दिन पूर्व मनाई जाती है। इस दिन भी घर में दीप जलाए जाते हैं। इस दिन मुख्य तौर पर 14 दीपक जलाने की परंपरा है।
 

Diwali 2024: दीपावली पर कौन से उपहार न दें और न ही लें, शास्त्रों में माना गया है अशुभ


नरक चतुर्दशी को यम चतुर्दशी, रुप चतुर्दशी या रुप चौदस जैसे नामों से भी जाना जाता है। इसके अलावा इसे नरक चौदस और नरक पूजा के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि इसे छोटी दिवाली के तौर पर मनाया जाता है। इस खास दिन पर यमराज की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है।


 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed