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Chaitra Navratri 2024: रेवती,अश्विनी नक्षत्र और सर्वार्थ, अमृत सिद्धि के शुभ योग में शुरू होगी चैत्र नवरात्रि
Mon, 08 Apr 2024 06:49 AM IST
श्वेता सिंह
पं. मनोज कुमार द्विवेदी ज्योतिषाचार्य
पं. मनोज कुमार द्विवेदी ज्योतिषाचार्य
Published by: श्वेता सिंह
Updated Mon, 08 Apr 2024 06:49 AM IST
सार
चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा इस बार घोड़े पर सवार होकर आएंगी। मां दुर्गा का वाहन इस बात पर निर्भर करता है कि नवरात्रि का पर्व किस दिन से आरंभ हो रहा है। पंचांग के अनुसार इस साल नवरात्रि का आरंभ 9 अप्रैल मंगलवार से हो रहा है।
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Chaitra Navratri 2024
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Chaitra Navratri 2024: 9 अप्रैल दिन मंगलवार से कलश स्थापना के साथ नवरात्र की शुरुआत हो रही है और 17 अप्रैल को श्री रामनवमी के उत्सव के साथ इसका समापन होगा। इस बार की चैत्र नवरात्रि 9 दिन की होगी। इस साल की चैत्र नवरात्रि पर 30 साल बाद अतिदुर्लभ योग बन रहा है।
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कलश स्थापना का समय
09 अप्रैल को कलश स्थापना समय सुबह 05:52 मिनट से लेकर 10: 04 मिनट तक है। इसके अलावा 11: 45 मिनट से लेकर दोपहर 12: 35 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त है। इन दोनों मुहूर्त में घटस्थापना कर सकते हैं।
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बन रहे ये अति दुर्लभ योग
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन यानी प्रतिपदा तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 07 : 32 मिनट से प्रारंभ होगा और यह अगले दिन 10 अप्रैल को सुबह 05: 06 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा चैत्र नवरात्रि के पहले दिन रेवती नक्षत्र सुबह से लेकर सुबह 07: 32 मिनट तक रहेगा। उसके बाद से अश्विनी नक्षत्र सुबह 07:32 मिनट से अगले दिन 10 अप्रैल को सुबह 05:06 मिनट तक रहेगा। इन योगों में मां दुर्गा की पूजा करने से साधक को अनंत फल की प्राप्ति होगी।
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घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा
चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा इस बार घोड़े पर सवार होकर आएंगी। मां दुर्गा का वाहन इस बात पर निर्भर करता है कि नवरात्रि का पर्व किस दिन से आरंभ हो रहा है। पंचांग के अनुसार इस साल नवरात्रि का आरंभ 9 अप्रैल मंगलवार से हो रहा है। इसलिए मां दुर्गा का वाहन अश्व यानी कि घोड़ा होगा। मां दुर्गा की घोड़े पर सवारी को आने वाले साल के लिए शुभ संकेत नहीं माना जाता है। घोडे़ पर देवी का आना युद्ध छत्र भंग का संकेत दे रहा है। इस साल देश में आम चुनाव होने हैं। माना जा रहा है कि चुनाव के नतीजे काफी आश्चर्यजनक हो सकते हैं। इसके अलावा घोड़े पर मां दुर्गा का आना राष्ट्रीय आपदा साथ लेकर आता है। पूरे देश को कोई भयंकर प्राकृतिक आपदा झेलनी पड़ सकती है।
हिंदू नववर्ष के एक दिन पहले सूर्यग्रहण भी, लेकिन नहीं रहेगा प्रभाव
हिन्दू नववर्ष के एक दिन पहले सूर्य ग्रहण मीन राशि पर होगा और संपूर्ण उत्तर अमेरिका में कनाडा, मैक्सिको, क्यूबा आदि स्थानों पर देखा जा सकेगा। इसके प्रभाव के कुछ देशों में अंधेरा छा जाएगा। शास्त्रों में ग्रहण को दृश्य पर्व माना गया है, जहां यह दिखाई देता है, वहीं पर उसका प्रभाव माना जाता है। यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां कोई भी प्रभाव नहीं रहेगा, न ही इसका सूतक लगेगा।
9 अप्रैल से चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ ही विक्रम संवत 2081 की शुरुआत होगी। इसके साथ ही नवरात्रि की भी शुरुआत हो जाएगी। इसके एक दिन पहले सोमवती अमावस्या रहेगी। यह स्नानदान का पर्व कहलाता है। इसके साथ ही पितरों के निमित्त तर्पण करने के लिए भी यह दिन विशेष माना है।