फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   chaitra navratri 2020 day 1 mata shailputri mantra arti vrat katha puja vidhi in hindi

चैत्र नवरात्रि 2020: मां शैलपुत्री की इस आरती से होती हैं भक्तों की मुरादें पूरी, जानें पूूजा में किन बातों का रखना होगा ध्यान

Wed, 25 Mar 2020 12:12 AM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: योगेश जोशी Updated Wed, 25 Mar 2020 12:12 AM IST
विज्ञापन
chaitra navratri 2020 day 1 mata shailputri mantra arti vrat katha puja vidhi in hindi

मां दुर्गा अपने पहले स्वरुप में 'शैलपुत्री' के नाम से पूजी जाती हैं। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। अपने पूर्व जन्म में ये प्रजापति दक्ष की कन्या के रूप में उत्पन्न हुई थीं तब इनका नाम सती था। इनका विवाह भगवान शंकर जी से हुआ था।

विज्ञापन

 

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपूत्री की यह आरती अत्यंत जरूरी होती है

chaitra navratri 2020 day 1 mata shailputri mantra arti vrat katha puja vidhi in hindi

शैलपुत्री मां बैल पर सवार। करें देवता जय जयकार। 
शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी। 
 
पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे। 
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे धनवान करे तू। 
 
सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती तेरी जिसने उतारी। 
उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुख तकलीफ मिला दो। 

घी का सुंदर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के। 
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं। 
 
जय गिरिराज किशोरी अंबे। शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे। 
मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।
 

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

पूजा विधि

chaitra navratri 2020 day 1 mata shailputri mantra arti vrat katha puja vidhi in hindi

सर्वप्रथम शुद्ध होकर चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर देवी शैलपुत्री की प्रतिमा स्थापित करें। तत्पश्चात कलश स्थापना करें। प्रथम पूजन के दिन “शैलपुत्री” के रूप में भगवती दुर्गा दुर्गतिनाशिनी की पूजा लाल फूल, अक्षत, रोली, चंदन से होती है। उसके बाद उनकी वंदना मंत्र का एक माला जाप करे तत्पश्चात उनके स्त्रोत पाठ करें। यह पूर्ण होने के बाद माता शैलपुत्री को सफेद चीजों का भोग लगाएं और यह शुद्ध गाय के घी में बना होना चाहिए। माता को लगाए गए इस भोग से रोगों का नाश होता है।

 

विज्ञापन

पहले दिन पूजा में रखें इन बातों का ध्यान

chaitra navratri 2020 day 1 mata shailputri mantra arti vrat katha puja vidhi in hindi

मां शैलपुत्री स्थिरता का प्रतीक हैं। यदि जातक का मन अस्थिर हो तो उसे आज के दिन अपने शयन कक्ष को अधिक से अधिक मात्रा में सफेद करें, तथा पूजा स्थल के आस-पास भी अधिक से अधिक सफेदी युक्त वस्तुएं होनी चाहिए। आज के दिन मां को अंतिम भोग कच्चे नारियल का होना चाहिए। इससे जातक के मन को स्थिरता प्राप्त होती है और मां शैल पुत्री उसे अपने मार्ग से विचलित नहीं होने देतीं।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed