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हाथ में कलावा बांधने के हैं अनेकों लाभ, मिलता है ब्रह्मा, विष्णु और महेश का आशीर्वाद

Mon, 19 Oct 2020 11:33 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Mon, 19 Oct 2020 11:33 AM IST
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सनातन परंपरा में कलावा बांधने की शुरूआत देवी लक्ष्मी और राजा बलि ने की थी। - फोटो : Rohit Jha

हिन्दू पूजा पाठ में हाथ में कलावा बांधा जाता है। कलावा को मौली भी कहते हैं। परंपरा के अनुसार किसी भी कार्य की शुरूआत करते समय या नई वस्तु को खरीदने पर उसे कलावा बांधा जाता है। इसके पीछे का तात्पर्य ये है कि वह वस्तु या कार्य हमारे जीवन में शुभफलकारी सिद्ध हो। सनातन परंपरा में कलावा बांधने की शुरूआत देवी लक्ष्मी और राजा बलि ने की थी। हिन्दू धर्म में कलावा मात्र एक धागा नहीं है बल्कि इसके पीछे धार्मिक, वैज्ञानिक और ज्योतिषीय महत्व छिपा हुआ है। जो इस प्रकार है -  

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कलावा बांधने से ब्रह्मा, विष्णु और महेश त्रिदेव की कृपा प्राप्त होती है। - फोटो : सोशल मीडिया

शास्त्रों में कलावा का महत्व
कलावा कच्चे सूत के धागे से बना होता है। मौली लाल रंग, पीले रंग, या दो रंगों या पांच रंगों की होती है। शास्त्रों के अनुसार कलावा बांधने की परंपरा की शुरुआत देवी लक्ष्मी और राजा बलि ने की थी। कलावा को रक्षा सूत्र भी कहा जाता है, माना जाता है कि कलाई पर इसे बांधने से जीवन पर आने वाले संकट से रक्षा होती है। इसका कारण यह है कि कलावा बांधने से ब्रह्मा, विष्णु और महेश त्रिदेव की कृपा प्राप्त होती है। धार्मिक महत्व रखने के साथ साथ कलावा बांधना वैज्ञानिक तौर पर भी काफी लाभप्रद है।

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कलावा बांधने से रक्तचाप, हृदय रोग, मधुमेह और लकवा जैसे गंभीर रोगों से काफी हद तक बचाव होता है। - फोटो : अमर उजाला

कलावा बांधने का वैज्ञानिक कारण
यह स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद है। शरीर विज्ञान के अनुसार शरीर के कई प्रमुख अंगों तक पहुंचने वाली नसें कलाई से होकर गुजरती है। कलाई पर कलावा बांधने से इन नसों की क्रिया नियंत्रित रहती है। इससे त्रिदोष यानी वात, पित्त और कफ का सामंजस्य बना रहता है। शरीर की संरचना का प्रमुख नियंत्रण कलाई में होता है। इसका मतलब है कि कलाई में मौली बांधने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है। माना जाता है कि कलावा बांधने से रक्तचाप, हृदय रोग, मधुमेह और लकवा जैसे गंभीर रोगों से काफी हद तक बचाव होता है।

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मंगल देव - फोटो : अमर उजाला

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कलावा
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कलाई में लाल रंग का कलावा पहनने से कुंडली में मंगल ग्रह मजबूत होता है। दरअसल ज्योतिष में मंगल ग्रह का शुभ रंग लाल है। वहीं यदि व्यक्ति पीले रंग का कलावा बांधता है तो इससे उनकी कुंडली में गुरु बृहस्पति मजबूत होता है, जिसके कारण व्यक्ति के जीवन में सुख-संपन्नता आती है। कुछ लोग कलाई में काले रंग का धागा भी बांधते हैं जो शनि ग्रह के लिए शुभ होता है। 

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