Narak chaturdashi 2023: नरक चतुर्दशी के दिन भगवान हनुमान की भी होती है पूजा, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह
हर साल कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। इस साल नरक चतुर्दशी 11 और 12 नवंबर 2023 को मनाई जाएगी।
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Narak Chaturdashi 2023: हर साल कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। इस साल नरक चतुर्दशी 11 और 12 नवंबर 2023 को मनाई जाएगी। भारत में इसे कहीं कहीं रूप चौदस, नरक चौदस और काली चौदस के नाम से जाना जाता है। साथ ही इसको कई मान्यताएं भी हैं, जो इस पर्व को और भी खास बनाती है। नरक चतुर्दशी के दिन यम के नाम का दीया जलाने की मान्यता है। कहते हैं कि, ऐसा करने से अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति प्राप्त होती है। इस दिन स्नान, दान और दीपदान का भी विशेष महत्व है।
लेकिन क्या आप जानते हैं नरक चतुर्दशी के दिन यमदेव की पूजा करने के अलावा भी कुछ और खास होता है। दरअसल, इस दिन हनुमान जी की पूजा करने का भी विधान है। ऐसी मान्यता है कि, नरक चतुर्दशी के दिन हनुमान जी की विधिनुसार पूजा करने से जीवन के समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है। इसी कड़ी में आइए जानते हैं कि आखिर क्यों नरक चतुर्दशी के दिन हनुमान जी की पूजा की जाती है।
इसलिए की जाती है पूजा
हनुमान जी की जन्मतिथि को लेकर कई मान्यताएं हैं। वाल्मीकि की रामायण के अनुसार माना जाता है कि हनुमान जी का जन्म कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन स्वाति नक्षत्र में हुआ था। यह तिथि दिवाली से एक दिन पहले यानी नरक चतुर्दशी की तिथि के रूप में पड़ती है। इसलिए नरक चतुर्दशी पर भगवान हनुमान की पूजा का भी विधान माना गया है। हालांकि, हनुमान जी की जयंती को लोग अपनी-अपनी मान्यताओं के अनुसार भी मनाते हैं।
ऐसे करें नरक चतुर्दशी पर हनुमान जी की पूजा
- नरक चतुर्दशी के दिन हनुमान जी की पूजा करने का विधान है। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इस तिथि के दिन आप सुबह सबसे पहले स्नान करें। इसके बाद हनुमान जी के आगे दीपक जलाकर उनका ध्यान करें। इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए।
- यदि आपके पास आस-पास हनुमान जी का कोई मंदिर है, तो आप वहां जाकर जरूर पूजा करें। इस दौरान बूंदी का भोग जरूर लगाएं।
- मान्यता के अनुसार इस दिन हनुमान जी को चोला अर्पित करने से आपकी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती है।
- धार्मिक मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी के मंत्र को 108 बार पढ़ने से मनचाहे फल की प्राप्ति होती हैं।