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Gangaur Teej 2022: आज है गणगौर तीज, जानें तिथि,पूजा का शुभ मुहूर्त , महत्व एवं पूजा विधि

Mon, 04 Apr 2022 08:48 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Mon, 04 Apr 2022 08:48 AM IST
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गणगौर तीज का व्रत 4 अप्रैल 2022  दिन सोमवार को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में गणगौर पूजा का विशेष महत्व माना गया है। - फोटो : istock

Gangaur Teej 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर तीज मनाई जाती हैं। इस बार गणगौर तीज का व्रत 4 अप्रैल 2022  दिन सोमवार यानि आज मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में गणगौर पूजा का विशेष महत्व माना गया है। इस पर्व में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विधि विधान से की जाती है। यहां  गण का अर्थ भगवान शिव एवं गौर का अर्थ माता पार्वती से है। खासतौर पर गणगौर तीज का व्रत मध्य प्रदेश और राजस्थान में मनाया जाता है। गणगौर का पर्व चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होकर चैत्र शुक्ल की तृतीया को गणगौर तीज पर व्रत पूजन के साथ समापन होता है।  इस तरह यह पर्व पूरे 16 दिनों तक चलता है। यह दिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु एवं सुखी वैवाहिक जीवन के लिए यह व्रत रखती हैं, जबकि विवाह योग्य कन्याएं मनपसंद वर या जीवनसाथी की कामना से गणगौर तीज व्रत रखती हैं। आइए जानते हैं  गणगौर तीज का महत्व पूजा सामग्री, विधि और शुभ मुहूर्त।

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उदयातिथि के आधार पर गणगौर तीज व्रत 04 अप्रैल को रखा जाएगा।  - फोटो : istock

गणगौर तीज 2022 तिथि
तृतीया तिथि आरंभ: 03 अप्रैल, रविवार दोपहर 12:38 बजे से 
तृतीया तिथि समाप्त : 04 अप्रैल, सोमवार दोपहर 01:54 बजे पर 
उदयातिथि के आधार पर गणगौर तीज व्रत 04 अप्रैल को रखा जाएगा। 
 

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लोक आस्था के महापर्व #गणगौर की मातृशक्ति सहित सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ | अखंड सौभाग्य की कामना के इस शुभावसर पर भगवान भोलेनाथ व माँ गौरी से प्रार्थना है कि सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें, सबकी मनोकामनाएं पूरी करें। #Gangaur

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- Om Birla (@ombirlakota) 4 Apr 2022

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गणगौर का पर्व चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होकर चैत्र शुक्ल की तृतीया को गणगौर तीज पर व्रत पूजन के साथ समापन होता है। - फोटो : istock

गणगौर तीज 2022 पूजा मुहूर्त
शुभ मुहूर्त आरंभ:
04 अप्रैल, सोमवार, दोपहर 11:59 बजे से 
शुभ मुहूर्त समाप्त: 04 अप्रैल, सोमवार,दोपहर 12:49 बजे पर
 

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राजस्थान की गौरवमयी संस्कृति के प्रतिबिम्ब तथा आस्था एवं पारिवारिक सौहार्द के प्रतीक पर्व गणगौर की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान शिवशक्ति आप सभी भक्तों के जीवन में अपार सुख-समृद्धि एवं खुशियां प्रदान करे, ऐसी मेरी कामना है। #गणगौर

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- Gajendra Singh Shekhawat (@gssjodhpur) 4 Apr 2022

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गणगौर तीज पर कई शुभ योग भी बन रहे हैं। - फोटो : istock

गणगौर तीज पर बन रहे हैं शुभ योग 
प्रीति योग आरंभ:
04 अप्रैल, सोमवार  प्रातः  07:43 बजे से  
प्रीति योग समाप्त:05 अप्रैल, मंगलवार, प्रातः  07:59 बजे तक 
रवि योग आरंभ:  04 अप्रैल, सोमवार  दोपहर 02:29 बजे से  
रवि योग समाप्त: 05 अप्रैल, मंगलवार प्रातः  06:07 बजे पर 
 

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प्रेम एवं पारिवारिक सौहार्द के महापर्व #गणगौर की सभी को हार्दिक मगंलकामनाएं। राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति दर्शाने वाले इस त्यौहार पर भगवान शिव व मां गौरा आप सभी के जीवन में अपार सुख-समृद्धि व खुशियां लाएं ।

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- Arjun Ram Meghwal (@ArjunRamMeghwal) 4 Apr 2022

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विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु एवं सुखी वैवाहिक जीवन के लिए गणगौर व्रत रखती हैं - फोटो : istock

गणगौर तीज का महत्व 
गणगौर तीज कुंवारी और विवाहित महिलाएं अपने सौभाग्य और अच्छे वर की कामना करने के लिए करती हैं। इस दिन माता पार्वती और भगवान शंकर की आराधना की जाती है। 17 दिन  चलने वाले इस पर्व का समापन चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर होता है। कुंवारी, विवाहित और नवविवाहित महिलाएं इस दिन नदी, तालाब या शुद्ध स्वच्छ शीतल सरोवर पर जाकर गीत गाती हैं और गणगौर को विसर्जित करती हैं। यह व्रत विवाहित महिलाएं पति से सात जन्मों का साथ, स्नेह, सम्मान और सौभाग्य पाने के लिए करती हैं।  पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता गवरजा यानि मां पार्वती होली के दूसरे दिन अपने पीहर आती हैं और आठ दिनों के बाद इसर जी यानि भगवान शिव उन्हें वापस लेने के लिए आते हैं। इसलिए यह त्योहार होली की प्रतिपदा से आरंभ होता है। इस दिन से सुहागिन स्त्रियां और कुंवारी कन्याएं मिट्टी के शिव जी यानि गण एवं माता पार्वती यानि गौर बनाकर उनका प्रतिदिन पूजन करती हैं। इसके बाद चैत्र शुक्ल तृतीया को गणगौर यानि शिव पार्वती की विदाई की जाती है। जिसे गणगौर तीज कहा जाता है। 
 

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