हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर विनायक चतुर्थी मनाई जाती है। ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 26 मई, मंगलवार को है, यानी कल विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी। इस पावन दिन भगवान गणेश की पूजा का विधान है। विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं और भगवान गणेश का आशीर्वाद मिलता है। आइए आज जानते हैं विनायक चतुर्थी पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व...
आज है विनायक चतुर्थी, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व
भगवान गणेश की पूजा का दिन
- विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की विधि- विधान से पूजा की जाती है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। किसी भी शुभ कार्य से पहले गणेश जी की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत करना शुभ माना जाता है। अगर व्रत करना संभव नहीं तो इस दिन भगवान गणेश की पूजा कर सात्विक भोजन करें।
विनायक चतुर्थी पूजा-विधि
- सुबह उठ कर स्नान करें।
- स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
- भगवान गणेश को स्नान कराएं।
- स्नान के बाद भगवान गणेश को साफ वस्त्र पहनाएं।
- भगवान गणेश को सिंदूर का तिलक लगाएं।
- सिंदूर का तिलक अपने माथे में भी लगाना चाहिए।
- गणेश भगवान को दुर्वा अतिप्रिय होता है। भगवान गणेश को दुर्वा अर्पित करना चाहिए।
- गणेश जी की आरती करें।
- भगवान गणेश को भोग लगाएं।
- गणेश भगवान को लड्डू, मोदक पसंद होते हैं। अगर संभव हो तो गणेश जी को लड्डू, मोदक का भोग लगाएं।
- आप अपनी इच्छानुसार भी भगवान गणेश को भोग लगा सकते हैं, बस इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक भोजन का ही भोग लगाया जाता है।
शुभ मुहूर्त
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा दिन में की जाती है।
सुबह 10 बजकर 59 मिनट से दोपहर 2 बजकर 45 मिनट तक।
विनायक चतुर्थी का महत्व
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं।
- भगवान गणेश की पूजा करने से कार्यों में किसी भी तरह की कोई रुकावट नहीं आती है।