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Vijayadashami 2024: दशहरा के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन माने जाते हैं शुभ, जानिए धार्मिक और पौराणिक मान्यताएं
Tue, 08 Oct 2024 01:08 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 08 Oct 2024 01:08 PM IST
सार
Vijayadashami 2024: दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन को विशेष रूप से शुभ माना जाता है और इसके पीछे कई धार्मिक और पौराणिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं।
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Dussehra 2024
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Vijayadashami 2024: दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहा जाता है हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। भगवान राम द्वारा रावण पर विजय प्राप्त करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यह पर्व अच्छाई की बुराई पर जीत और धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक है। दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन को विशेष रूप से शुभ माना जाता है और इसके पीछे कई धार्मिक और पौराणिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं।
भगवान राम की विजय और नीलकंठ का दर्शन
दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन का महत्व भगवान राम की लंका पर विजय के साथ जुड़ा हुआ है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान राम ने रावण का वध करने के लिए लंका पर आक्रमण किया, तब उन्होंने युद्ध से पहले नीलकंठ पक्षी के दर्शन किए थे। यह पक्षी भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है और नीलकंठ के दर्शन को शुभ और विजय का संकेत माना गया। इसके बाद ही उन्होंने युद्ध में रावण का वध किया। इसलिए, दशहरे के दिन नीलकंठ के दर्शन को भगवान राम की विजय से भी जोड़ा जाता है और इसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
नीलकंठ पक्षी और भगवान शिव का संबंध
नीलकंठ पक्षी का संबंध भगवान शिव से है। पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के समय उत्पन्न हुए हलाहल विष को भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण किया था, जिससे उनका कंठ नीला हो गया और उन्हें 'नीलकंठ' कहा जाने लगा। इसीलिए नीलकंठ पक्षी को भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है। शिव की कृपा और उनकी शक्ति के प्रतीक रूप में नीलकंठ के दर्शन को दशहरे के दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नीलकंठ के दर्शन से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाले संकटों का अंत होता है।
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दशहरा और विजय का प्रतीक
दशहरा के दिन नीलकंठ के दर्शन को विजय, शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया, जो धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक है। नीलकंठ के दर्शन से यह माना जाता है कि जीवन की कठिनाइयों और बाधाओं पर विजय प्राप्त होगी और शुभता का आगमन होगा। दशहरे के दिन नीलकंठ के दर्शन से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और जीवन में समृद्धि आती है।
शुभ संकेत और धार्मिक मान्यताएं
दशहरे के दिन नीलकंठ के दर्शन को शुभ संकेत माना जाता है। यह पक्षी धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। नीलकंठ के दर्शन से यह संकेत मिलता है कि व्यक्ति की सभी परेशानियां दूर होंगी और उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे। यह भी माना जाता है कि नीलकंठ के दर्शन से व्यक्ति के जीवन में शांति, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसलिए, दशहरे के दिन नीलकंठ का दर्शन विशेष रूप से महत्वपूर्ण और शुभ माना जाता है।
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भगवान राम की विजय और नीलकंठ का दर्शन
दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन का महत्व भगवान राम की लंका पर विजय के साथ जुड़ा हुआ है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान राम ने रावण का वध करने के लिए लंका पर आक्रमण किया, तब उन्होंने युद्ध से पहले नीलकंठ पक्षी के दर्शन किए थे। यह पक्षी भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है और नीलकंठ के दर्शन को शुभ और विजय का संकेत माना गया। इसके बाद ही उन्होंने युद्ध में रावण का वध किया। इसलिए, दशहरे के दिन नीलकंठ के दर्शन को भगवान राम की विजय से भी जोड़ा जाता है और इसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
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नीलकंठ पक्षी और भगवान शिव का संबंध
नीलकंठ पक्षी का संबंध भगवान शिव से है। पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के समय उत्पन्न हुए हलाहल विष को भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण किया था, जिससे उनका कंठ नीला हो गया और उन्हें 'नीलकंठ' कहा जाने लगा। इसीलिए नीलकंठ पक्षी को भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है। शिव की कृपा और उनकी शक्ति के प्रतीक रूप में नीलकंठ के दर्शन को दशहरे के दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नीलकंठ के दर्शन से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाले संकटों का अंत होता है।
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दशहरा और विजय का प्रतीक
दशहरा के दिन नीलकंठ के दर्शन को विजय, शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया, जो धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक है। नीलकंठ के दर्शन से यह माना जाता है कि जीवन की कठिनाइयों और बाधाओं पर विजय प्राप्त होगी और शुभता का आगमन होगा। दशहरे के दिन नीलकंठ के दर्शन से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और जीवन में समृद्धि आती है।
शुभ संकेत और धार्मिक मान्यताएं
दशहरे के दिन नीलकंठ के दर्शन को शुभ संकेत माना जाता है। यह पक्षी धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। नीलकंठ के दर्शन से यह संकेत मिलता है कि व्यक्ति की सभी परेशानियां दूर होंगी और उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे। यह भी माना जाता है कि नीलकंठ के दर्शन से व्यक्ति के जीवन में शांति, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसलिए, दशहरे के दिन नीलकंठ का दर्शन विशेष रूप से महत्वपूर्ण और शुभ माना जाता है।