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Pradosh Vrat 2020: साल का पहला और आखिरी सोम प्रदोष, लंबी उम्र की कामना का है यह व्रत
Mon, 20 Apr 2020 01:44 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 20 Apr 2020 01:44 AM IST
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सोम प्रदोष
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प्रदोष व्रत हर महीने की शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। भगवान शिव की उपासना के लिए यह व्रत बहुत ही लाभकारी और शुभफलदायी व्रत माना गया है। 20 अप्रैल को प्रदोष व्रत है, सोमवार के दिन पड़ने के कारण यह सोम प्रदोष का व्रत है। सोमवार का दिन भगवान शिव के लिए श्रेष्ठ माना गया है ऐसे में सोम प्रदोष का महत्व काफी बढ़ जाता है।
सोम प्रदोष व्रत शुभ संयोग
20 अप्रैल को जो सोम प्रदोष का व्रत रखा जाएगा वह साल 2020 का पहला और आखिरी सोम प्रदोष व्रत है। इसके बाद साल 2021 में है सोम प्रदोष का शुभ संयोग बनेगा।
साल 2020 के प्रदोष व्रत का विवरण
सोमवार, 20 अप्रैल- सोम प्रदोष व्रत
मंगलवार, 05 मई भौम प्रदोष व्रत
मंगलवार, 19 मई भौम प्रदोष व्रत
बुधवार, 03 जून प्रदोष व्रत
गुरुवार, 18 जून प्रदोष व्रत
गुरुवार, 02 जुलाई प्रदोष व्रत
शनिवार, 18 जुलाई शनि प्रदोष व्रत
शनिवार, 01 अगस्त शनि प्रदोष व्रत
रविवार, 16 अगस्त प्रदोष व्रत
रविवार, 30 अगस्त प्रदोष व्रत
मंगलवार, 15 सितंबर भौम प्रदोष व्रत
मंगलवार, 29 सितंबर भौम प्रदोष व्रत
बुधवार, 14 अक्टूबर प्रदोष व्रत
बुधवार, 28 अक्टूबर प्रदोष व्रत
शुक्रवार, 13 नवंबर प्रदोष व्रत
शुक्रवार, 27 नवंबर प्रदोष व्रत
शनिवार, 12 दिसंबर शनि प्रदोष व्रत
रविवार, 27 दिसंबर प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत का फल
सोमवार - इस प्रदोष व्रत को सोम प्रदोषम् या चन्द्र प्रदोषम् भी कहा जाता है। इस दिन साधक अपनी अभीष्ट कामना की पूर्त्ति के लिए शिव की साधना करता है।
मंगलवार - इस प्रदोष व्रत को भौम प्रदोषम् कहा जाता है और इसे विशेष रूप से अच्छी सेहत और बीमारियों से मुक्ति की कामना से किया जाता है।
बुधवार - बुध प्रदोष व्रत सभी प्रकार की कामनाओं को पूरा करने वाला होता है।
गुरुवार - गुरुवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को गुरु प्रदोष व्रत कहते हैं। शत्रुओं पर विजय पाने और उनके नाश के लिए इस पावन व्रत को किया जाता है।
शुक्रवार - इस दिन पड़ने वाले व्रत को शुक्र प्रदोष व्रत कहते हैं। इस दिन किए जाने वाले प्रदोष व्रत से सुख-समृद्धि और सौभाग्य का वरदान मिलता है।
शनिवार - इस प्रदोष व्रत को शनि प्रदोषम् कहा जाता है। इस दिन इस पावन व्रत को पुत्र की कामना से किया जाता है।
रविवार - रविवार के दिन किया जाने वाला प्रदोष व्रत लंबी आयु और आरोग्य की कामना से किया जाता है।
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सोम प्रदोष व्रत शुभ संयोग
20 अप्रैल को जो सोम प्रदोष का व्रत रखा जाएगा वह साल 2020 का पहला और आखिरी सोम प्रदोष व्रत है। इसके बाद साल 2021 में है सोम प्रदोष का शुभ संयोग बनेगा।
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साल 2020 के प्रदोष व्रत का विवरण
सोमवार, 20 अप्रैल- सोम प्रदोष व्रत
मंगलवार, 05 मई भौम प्रदोष व्रत
मंगलवार, 19 मई भौम प्रदोष व्रत
बुधवार, 03 जून प्रदोष व्रत
गुरुवार, 18 जून प्रदोष व्रत
गुरुवार, 02 जुलाई प्रदोष व्रत
शनिवार, 18 जुलाई शनि प्रदोष व्रत
शनिवार, 01 अगस्त शनि प्रदोष व्रत
रविवार, 16 अगस्त प्रदोष व्रत
रविवार, 30 अगस्त प्रदोष व्रत
मंगलवार, 15 सितंबर भौम प्रदोष व्रत
मंगलवार, 29 सितंबर भौम प्रदोष व्रत
बुधवार, 14 अक्टूबर प्रदोष व्रत
बुधवार, 28 अक्टूबर प्रदोष व्रत
शुक्रवार, 13 नवंबर प्रदोष व्रत
शुक्रवार, 27 नवंबर प्रदोष व्रत
शनिवार, 12 दिसंबर शनि प्रदोष व्रत
रविवार, 27 दिसंबर प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत का फल
सोमवार - इस प्रदोष व्रत को सोम प्रदोषम् या चन्द्र प्रदोषम् भी कहा जाता है। इस दिन साधक अपनी अभीष्ट कामना की पूर्त्ति के लिए शिव की साधना करता है।
मंगलवार - इस प्रदोष व्रत को भौम प्रदोषम् कहा जाता है और इसे विशेष रूप से अच्छी सेहत और बीमारियों से मुक्ति की कामना से किया जाता है।
बुधवार - बुध प्रदोष व्रत सभी प्रकार की कामनाओं को पूरा करने वाला होता है।
गुरुवार - गुरुवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को गुरु प्रदोष व्रत कहते हैं। शत्रुओं पर विजय पाने और उनके नाश के लिए इस पावन व्रत को किया जाता है।
शुक्रवार - इस दिन पड़ने वाले व्रत को शुक्र प्रदोष व्रत कहते हैं। इस दिन किए जाने वाले प्रदोष व्रत से सुख-समृद्धि और सौभाग्य का वरदान मिलता है।
शनिवार - इस प्रदोष व्रत को शनि प्रदोषम् कहा जाता है। इस दिन इस पावन व्रत को पुत्र की कामना से किया जाता है।
रविवार - रविवार के दिन किया जाने वाला प्रदोष व्रत लंबी आयु और आरोग्य की कामना से किया जाता है।