फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Sheetala Ashtami Basoda 2024 Date Puja Vidhi Shubh Muhurat Sheetala Saptami Mahatva In Hindi

Sheetala Ashtami 2024: इस साल कब है शीतला अष्टमी या बसोड़ा? जानें तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त

Sat, 30 Mar 2024 10:14 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Sat, 30 Mar 2024 10:14 AM IST
सार

Sheetala Ashtami 2024: माता शीतला के भक्तों के लिए यह पर्व बेहद ही खास होता है। शीतला अष्टमी के दिन पूजा के समय माता शीतला को पर मीठे चावलों का भोग लगाया जाता है। खासतौर पर इस दिन मां शीतला को बासी पकवानों का भोग लगाया जाता है और खुद भी बासी और ठंडा भोजन ग्रहण किया जाता है।

विज्ञापन
Sheetala Ashtami Basoda 2024 Date Puja Vidhi Shubh Muhurat Sheetala Saptami Mahatva In Hindi
शीतला अष्टमी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Sheetala Ashtami 2024: हर साल चैत्र मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि यानी होली के आठ दिन बाद शीतला अष्टमी का व्रत रखा जाता है। इस दिन माता शीतला की पूजा-आराधना का विधान है। शीतला अष्टमी को बसौड़ा या बसोड़ा भी कहा जाता है। माता शीतला के भक्तों के लिए यह पर्व बेहद ही खास होता है। शीतला अष्टमी के दिन पूजा के समय माता शीतला को पर मीठे चावलों का भोग लगाया जाता है। ये चावल गुड़ या गन्ने के रस से बनाए जाते हैं। खासतौर पर इस दिन मां शीतला को बासी पकवानों का भोग लगाया जाता है और खुद भी बासी और ठंडा भोजन ग्रहण किया जाता है। मान्यता है कि शीतला अष्टमी के दिन पूरे विधि विधान के साथ पूजा करने से बीमारियों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख शांति बनी रहती है। ऐसे में चलिए जानते हैं इस साल शीतला अष्टमी या बसौड़ा की तिथि, पूजा का मुहूर्त और महत्व....

विज्ञापन


कब है शीतला अष्टमी या बसौड़ा 2024?
हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 1 अप्रैल दिन को रात 09 बजकर 09 मिनट पर हो रही है। इस तिथि का समापन 2 अप्रैल को रात 08 बजकर 08 मिनट पर होगा। उदया तिथि को देखते हुए बसौड़ा यानी शीतला अष्टमी का व्रत 2 अप्रैल को रखा जाएगा।
विज्ञापन


पूजा मुहूर्त
2 अप्रैल को शीतला अष्टमी यानी बसौड़ा के दिन आप सुबह 06 बजकर 10 मिनट से शाम 06 बजकर 40 मिनट के बीच कभी भी शीतला माता की पूजा कर सकते हैं। 

शीतला सप्तमी तिथि
बसौड़ा यानी शीतला अष्टमी से एक दिन पहले शीतला सप्तमी मनाई जाती है। यह तिथि भी माता शीतला को समर्पित है। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि 31 मार्च को रात 9 बजकर 30 मिनट से 1 अप्रैल को रात 9 बजकर 9 मिनट तक है। ऐसे में 1 अप्रैल को शीतला सप्तमी और 2 अप्रैल को बसौड़ा मनाई जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


शीतला अष्टमी पूजा विधि

  • शीतला अष्टमी के दिन सुबह स्नान के साफ वस्त्र धारण करें।
  • पूजा के दौरान हाथ में फूल, अक्षत, जल और दक्षिणा लेकर व्रत का संकल्प लें।
  • माता को रोली, फूल, वस्त्र, धूप, दीप, दक्षिणा और बासा भोग अर्पित करें।
  • शीतला माता को दही, रबड़ी, चावल आदि चीजों का भी भोग लगाया जाता है।
  • पूजा के समय शीतला स्त्रोत का पाठ करें और पूजा के बाद आरती जरूर करें।
  • पूजा करने के बाद माता का भोग खाकर व्रत खोलें।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed