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Navratri 2019: क्यों मनाई जाती है नवरात्रि, क्या है इसका पौराणिक इतिहास
Sun, 22 Sep 2019 09:18 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sun, 22 Sep 2019 09:18 AM IST
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Navratri 2019
नवरात्रि के दिनों में लोग माँ दुर्गा की पूजा-आराधना करते हैं। नौ दिनों तक घर और मंदिर में माता को स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-पाठ और व्रत रखते हैं। इन नौ दिनों में माता के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। 29 सितंबर 2019 को नवरात्रि का पहला दिन है जिसमें प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना की जाएगी। आइए जानते हैं नवरात्रि मनाए जाने के पीछे की पौराणिक कथा....
पौराणिक कथा
शास्त्रों में नवरात्रि का त्योहार मनाए जाने के पीछे दो कारण बताए गए हैं। पहली पौराणिक कथा के अनुसार महिषासुर नाम का एक राक्षस था जो ब्रह्मा जी का बड़ा भक्त था। उसने अपने तप से ब्रह्माजी को प्रसन्न करके एक वरदान प्राप्त कर लिया। वरदान में उसे कोई देव, दानव या पृथ्वी पर रहने वाला कोई मनुष्य मार ना पाए। वरदान प्राप्त करते ही वह बहुत निर्दयी हो गया और तीनो लोकों में आतंक माचने लगा। उसके आतंक से परेशान होकर देवी-देवताओं ने ब्रह्मा, विष्णु, महेश के साथ मिलकर माँ शक्ति के रूप में दुर्गा को जन्म दिया। माँ दुर्गा और महिषासुर के बीच नौ दिनों तक भयंकर युद्ध हुआ और दसवें दिन माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध कर दिया। इस दिन को अच्छाई पर बुराई की जीत के रूप में मनाया जाता है।
एक दूसरी कथा के अनुसार, भगवान राम ने लंका पर आक्रमण करने से पहले और रावण के संग युद्ध में जीत के लिए शक्ति की देवी माँ भगवती की आराधना की थी। रामेश्वरम में उन्होंने नौ दिनों तक माता की पूजा की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर माँ ने श्रीराम को लंका में विजय प्राप्ति का आशीर्वाद दिया। दसवें दिन भगवान राम ने लकां नरेश रावण को युद्ध में हराकर उसका वध कर लंका पर विजय प्राप्त की। इस दिन को विजय दशमी के रूप में जाना जाता है।
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किस दिन कौन सा योग- ज्योतिष गणना
- 29 अक्टूबर को प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना
- 30 सितंबर को अमृत सिद्धि योग
- 1 अक्टूबर को रवि योग
- 2 अक्टूबर को अमृत और सिद्धि योग
- 3 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि
- 4 अक्टूबर को रवि योग
- 5 अक्टूबर को रवि योग
- 6 अक्टूबर को सर्वसिद्धि योग रहेगा।
नवरात्रि के 9 दिन और 9 देवियां
पहले दिन- शैलपुत्री
दूसरे दिन- ब्रह्मचारिणी
तीसरे दिन- चंद्रघंटा
चौथे दिन- कुष्मांडा
पांचवें दिन- स्कंदमाता
छठे दिन- कात्यानी
सातवें दिन- कालरात्रि
आठवें दिन- महागौरी
नवें दिन- सिद्धिदात्री
दशहरे का शुभ संयोग
नवमी के अगले दिन दशहरा का त्योहार है। 7 अक्टूबर 2019 को महानवमी दोपहर 12.38 तक रहेगी। इसके दशमी यानी दशहरा होगा। 8 अक्टूबर को विजयदशमी रवि योग में दोपहर 2.51 तक रहेगी। यह बहुत ही शुभ मानी गई है।
दुर्गा पूजा
अष्टमी तिथि - रविवार, 6 अक्टूबर 2019
अष्टमी तिथि प्रारंभ - 5 अक्टूबर 2019 से 09:50 बजे
अष्टमी तिथि समाप्त - 6 अक्टूबर 2019 10:54 बजे तक
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पौराणिक कथा
शास्त्रों में नवरात्रि का त्योहार मनाए जाने के पीछे दो कारण बताए गए हैं। पहली पौराणिक कथा के अनुसार महिषासुर नाम का एक राक्षस था जो ब्रह्मा जी का बड़ा भक्त था। उसने अपने तप से ब्रह्माजी को प्रसन्न करके एक वरदान प्राप्त कर लिया। वरदान में उसे कोई देव, दानव या पृथ्वी पर रहने वाला कोई मनुष्य मार ना पाए। वरदान प्राप्त करते ही वह बहुत निर्दयी हो गया और तीनो लोकों में आतंक माचने लगा। उसके आतंक से परेशान होकर देवी-देवताओं ने ब्रह्मा, विष्णु, महेश के साथ मिलकर माँ शक्ति के रूप में दुर्गा को जन्म दिया। माँ दुर्गा और महिषासुर के बीच नौ दिनों तक भयंकर युद्ध हुआ और दसवें दिन माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध कर दिया। इस दिन को अच्छाई पर बुराई की जीत के रूप में मनाया जाता है।
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एक दूसरी कथा के अनुसार, भगवान राम ने लंका पर आक्रमण करने से पहले और रावण के संग युद्ध में जीत के लिए शक्ति की देवी माँ भगवती की आराधना की थी। रामेश्वरम में उन्होंने नौ दिनों तक माता की पूजा की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर माँ ने श्रीराम को लंका में विजय प्राप्ति का आशीर्वाद दिया। दसवें दिन भगवान राम ने लकां नरेश रावण को युद्ध में हराकर उसका वध कर लंका पर विजय प्राप्त की। इस दिन को विजय दशमी के रूप में जाना जाता है।
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किस दिन कौन सा योग- ज्योतिष गणना
- 29 अक्टूबर को प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना
- 30 सितंबर को अमृत सिद्धि योग
- 1 अक्टूबर को रवि योग
- 2 अक्टूबर को अमृत और सिद्धि योग
- 3 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि
- 4 अक्टूबर को रवि योग
- 5 अक्टूबर को रवि योग
- 6 अक्टूबर को सर्वसिद्धि योग रहेगा।
नवरात्रि के 9 दिन और 9 देवियां
पहले दिन- शैलपुत्री
दूसरे दिन- ब्रह्मचारिणी
तीसरे दिन- चंद्रघंटा
चौथे दिन- कुष्मांडा
पांचवें दिन- स्कंदमाता
छठे दिन- कात्यानी
सातवें दिन- कालरात्रि
आठवें दिन- महागौरी
नवें दिन- सिद्धिदात्री
दशहरे का शुभ संयोग
नवमी के अगले दिन दशहरा का त्योहार है। 7 अक्टूबर 2019 को महानवमी दोपहर 12.38 तक रहेगी। इसके दशमी यानी दशहरा होगा। 8 अक्टूबर को विजयदशमी रवि योग में दोपहर 2.51 तक रहेगी। यह बहुत ही शुभ मानी गई है।
दुर्गा पूजा
अष्टमी तिथि - रविवार, 6 अक्टूबर 2019
अष्टमी तिथि प्रारंभ - 5 अक्टूबर 2019 से 09:50 बजे
अष्टमी तिथि समाप्त - 6 अक्टूबर 2019 10:54 बजे तक