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Shardiya Navratri 2019: नवरात्रि में मां दुर्गा हाथी पर करेंगी आगमन, घोड़े पर होगी विदाई
Thu, 19 Sep 2019 08:11 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Thu, 19 Sep 2019 08:11 AM IST
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शारदीय नवरात्रि 29 सितंबर से शुरू होने जा रहे हैं। 10 दिनों तक चलने इस पर्व का विशेष महत्व होता है। इन 10 दिनों में मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान से उपासना होगी। वाराणसी और मिथिला पंचांग के अनुसार इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी और नौ दिनों बाद घोड़े पर बैठकर प्रस्थान करेंगी।
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नवरात्रि में मां दुर्गा का आगमन
वैसे तो मां दुर्गा शेर की सवारी करती हैं। लेकिन नवरात्रि के दिनों में उनका पृ्थ्वी पर आगमन और गमन अलग-अलग तरीके से होता है। इस बार शारदीय नवरात्रि पर मां दुर्गा का आगमन हाथी की सवारी के साथ आएंगी। वहीं गमन घोड़े पर होगी। शास्त्रों के अनुसार इस बार मां का आगमन और प्रस्थान दोनों ही शुभ नहीं है।
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नवरात्रि का महत्व
नवरात्रि के नौ दिन के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धदात्री की पूजा होगी। पहले दिन घटस्थापना जिसे कलश स्थापना कहते हैं की जाएगी।
पंचांग के अनुसार आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि आरम्भ हो जाते हैं। शरद ऋतु के आगमन के कारण इसे शारदीय नवरात्रि कहा जाता है। नवरात्रि में ही भगवान राम ने रावण का वध करने से पहले देवी शक्ति की पूजा-आराधना की थी। जो बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
साल में आते हैं चार नवरात्रि
साल में चार बार नवरात्र के पर्व आते हैं- चैत्र, आषाढ़, अश्विन और माघ माह के नवरात्रि। चैत्र और अश्विन नवरात्रि को ही मुख्य माना गया है। जबकि आषाढ़ और माघ के नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहते हैं।
Navratri 2019 Calendar: किसी तिथि पर किस देवी की होगी पूजा-आराधना
29 सितंबर 2019 - नवरात्रि का पहला दिन- घट/ कलश स्थापना - शैलपुत्री
30 सितंबर 2019 - नवरात्रि दूसरा दिन द्वितीया- ब्रह्मचारिणी पूजा
1 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि का तीसरा दिन तृतीया तिथि - चंद्रघंटा पूजा
2 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि का चौथा दिन चतुर्थी - कुष्मांडा पूजा
3 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि का 5वां दिन पंचमी - स्कंदमाता पूजा
4 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि का छठा दिन षष्ठी - कात्यायनी पूजा
5 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि का सातवां दिन सप्तमी - कालरात्रि पूजा
6 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि का आठवां दिन अष्टमी - महागौरी, दुर्गा अष्टमी
7 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि का नौवां दिन नवमी - नवमी हवन, नवरात्रि पारण
8 अक्टूबर 2019- दुर्गा विसर्जन, विजयादशमी
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नवरात्रि में मां दुर्गा का आगमन
वैसे तो मां दुर्गा शेर की सवारी करती हैं। लेकिन नवरात्रि के दिनों में उनका पृ्थ्वी पर आगमन और गमन अलग-अलग तरीके से होता है। इस बार शारदीय नवरात्रि पर मां दुर्गा का आगमन हाथी की सवारी के साथ आएंगी। वहीं गमन घोड़े पर होगी। शास्त्रों के अनुसार इस बार मां का आगमन और प्रस्थान दोनों ही शुभ नहीं है।
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नवरात्रि का महत्व
नवरात्रि के नौ दिन के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धदात्री की पूजा होगी। पहले दिन घटस्थापना जिसे कलश स्थापना कहते हैं की जाएगी।
पंचांग के अनुसार आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि आरम्भ हो जाते हैं। शरद ऋतु के आगमन के कारण इसे शारदीय नवरात्रि कहा जाता है। नवरात्रि में ही भगवान राम ने रावण का वध करने से पहले देवी शक्ति की पूजा-आराधना की थी। जो बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
साल में आते हैं चार नवरात्रि
साल में चार बार नवरात्र के पर्व आते हैं- चैत्र, आषाढ़, अश्विन और माघ माह के नवरात्रि। चैत्र और अश्विन नवरात्रि को ही मुख्य माना गया है। जबकि आषाढ़ और माघ के नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहते हैं।
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30 सितंबर 2019 - नवरात्रि दूसरा दिन द्वितीया- ब्रह्मचारिणी पूजा
1 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि का तीसरा दिन तृतीया तिथि - चंद्रघंटा पूजा
2 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि का चौथा दिन चतुर्थी - कुष्मांडा पूजा
3 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि का 5वां दिन पंचमी - स्कंदमाता पूजा
4 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि का छठा दिन षष्ठी - कात्यायनी पूजा
5 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि का सातवां दिन सप्तमी - कालरात्रि पूजा
6 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि का आठवां दिन अष्टमी - महागौरी, दुर्गा अष्टमी
7 अक्टूबर 2019 - नवरात्रि का नौवां दिन नवमी - नवमी हवन, नवरात्रि पारण
8 अक्टूबर 2019- दुर्गा विसर्जन, विजयादशमी
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