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Shani Pradosh 2021: शनि प्रदोष व्रत आज, शनि साढ़ेसाती और ढैय्या से बचने के लिए करें ये ज्योतिषीय उपाय

Sat, 04 Sep 2021 10:03 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Sat, 04 Sep 2021 10:03 AM IST
सार

  • शनि प्रदोष व्रत आज ( 04 सितंबर 2021) को रखा जा रहा है।
  • एक महीने में दो प्रदोष व्रत रखा जाता है
  • भाद्रपद महीने का यह पहला प्रदोष व्रत है।

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shani trayodashi 2021 shani sade sati or shani dhaiya remedy upay on september pradosh vrat
भाद्र माह का पहला प्रदोष व्रत: शनि प्रदोष के दिन शनि चालीसा और शिव चालीसा का पाठ करना उपयोगी - फोटो : Social media

विस्तार

हिंदू धर्म में हर महीने दो व्रत का विशेष महत्व होता है। पहला एकादशी और दूसरा प्रदोष व्रत का। एकादशी व्रत में जहां भगवान विष्णु की आराधना होती है, तो वहीं प्रदोष व्रत में भगवान शिव की। हर महीने में शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस तरह से एक महीने में दो प्रदोष व्रत रखा जाता है। अलग-अलग दिन प्रदोष व्रत पड़ने के कारण इसका नाम भी अलग होता है। इस बार 4 सितंबर 2021 को शनिवार के दिन प्रदोष व्रत है, जिस कारण से इसे शनि प्रदोष व्रत कहते हैं। शनि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की आराधना करने से दंपत्ति को संतान सुख की कामना पूरी होती है।

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शनि प्रदोष का महत्व 
शनि प्रदोष व्रत का विशेष महत्व होता है। इस दिन जिन जातकों के ऊपर शनि का प्रभाव रहता है उनके लिए शनि प्रदोष व्रत रामबाण होता है। शनि के प्रकोप से मुक्ति के लिए इस दिन भगवान शंकर और शनिदेव की पूजा करने से कई तरह परेशानियां का अंत हो जाता है। शनिवार का दिन शनिदेव का होता है ऐसे में शनि प्रदोष के दिन शनि की उपासना करने शनि की साढ़ेसाती और शनि की ढैय्या का प्रभाव कम हो जाता है।
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शनि प्रदोष पूजा विधि
शनि त्रयोदशी के दिन पूरे दिन व्रत रखकर सुबह-सुबह भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा, कथा और आरती करने से हर तरह की मनोकामना पूरी होती है। इस दिन भगवान शिव को बेलपत्र, गंगाजल, घी, दही और दीप अर्पित करना चाहिए। शनि प्रदोष व्रत की पूजा में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने के बाद शनिदेव की आराधनाजरूर करें। जिसमें शनिदेव की मूर्ति पर सरसों का तेल चढ़ाएं। फिर इसके बाद शनिस्त्रोत और शनि चालीसा पाठ भी करें। मान्यता है जो भी व्यक्ति शनि प्रदोष के दिन शनि चालीसा और शिव चालीसा का पाठ करता है उस पर भगवान शिव और शनिदेव दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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शनि साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित लोग करें ये उपाय
जिन जातकों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव है उनके लिए शनि प्रदोष का दिन काफी लाभदायक होता है। इस दिन शाम के समय अपने आसपास पीपल के पेड़ की पूजा करने के साथ सरसों का दीपक जलाएं। शनि के मंत्रो का 108 बार जाप करने से भी शनि का प्रभाव कम होता है।

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