फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Shani Jayanti 2023 Kab Hai Know Date Time Puja Vidhi Shubh Muhurat Mantra Mahatva and Shani Upay in Hindi

Shani Jayanti 2023: शनि जयंती कब है, जानिए शुभ संयोग, मुहूर्त और पूजा विधि

Sat, 13 May 2023 04:04 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Sat, 13 May 2023 04:04 PM IST
सार

इस वर्ष शनि जयंती पर शोभन योग का निर्माण होने जा रहा है। शनि जयंती यानी ज्येष्ठ अमावस्या की तिथि पर सावित्री व्रत भी है। इस के अलावा शनि जयंती के दिन शनिदेव स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान रहेंगे।

विज्ञापन
Shani Jayanti 2023 Kab Hai Know Date Time Puja Vidhi Shubh Muhurat Mantra Mahatva and Shani Upay in Hindi
shani jayanti 2023: शनिदेव का जन्म हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को हुआ था। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय और कर्म का देवता माना गया है। शनिदेव व्यक्ति को अच्छे और बुरे कर्मों के अनुसार ही शुभ या अशुभ फल प्रदान करते हैं। शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा काफी प्रभावी होती है। शनिदेव का नाम आते ही लोग काफी डर जाते हैं। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। शनिदेव भगवान सूर्य और माता छाया के पुत्र हैं। शनिदेव का जन्म हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को हुआ था। शनि जयंती पर शनिदेव की कृपा पाने के लिए लोग इस दिन लोगों उनकी पूजा अर्चना करते हैं। इस बार शनि जयंती 19 मई 2023 को मनाई जाएगी। आइए जानते हैं इस बार शनि जयंती पर किसी तरह का योग बन रहा है। 

विज्ञापन


शनि जयंती तिथि 2023
वैदिक पंचांग के अनुसार इस बार अमावस्या तिथि की शुरुआत 18 मई को रात 09 बजकर 42 मिनट से होगी और जिसका समापन 19 मई को रात 9 बजकर 22 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार इस साल शनि जयंती 19 मई को मनाई जाएगी।
विज्ञापन


शनि जयंती शुभ योग 2023
इस वर्ष शनि जयंती पर शोभन योग का निर्माण होने जा रहा है। शनि जयंती यानी ज्येष्ठ अमावस्या की तिथि पर सावित्री व्रत भी है। इस के अलावा शनि जयंती के दिन शनिदेव स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान रहेंगे। 19 जनवरी को चंद्रमा- गुरु मेष राशि में मौजूद रहें जिसके कारण गजकेसरी योग बनेगा। ऐसे में शनि जयंती के दिन शनिदेव की पूजा और दान का विशेष महत्व होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


Vat Savitri Vrat 2023: पहली बार रखने जा रही हैं वट सावित्री व्रत, तो जान लें कुछ जरूरी नियम  

शनि जयंती 2023 पूजा विधि 
ऐसी मान्यता है कि शनिदेव की तिरछी द्दष्टि बहुत ही कष्टकारी होती है। शनि की तिरछी नजर से बचने के लिए शनि देव की उपासना का विशेष महत्व होता है। शनि जयंती पर उपाय करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।  शनि भगवान की विशेष कृपा और सभी परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए शनि जयंती पर शनिदेव की पूजा-उपासना का विशेष महत्व होता है। शनि जयंती के मौके पर सुबह-सुबह अपने घर के आसपास स्थिति किसी शनि मंदिर जाकर भगवान शनिदेव की प्रतिमा को प्रणाम करते हुए सरसों के तेल से अभिषेक करें। शनिदेव को काले तिल, उड़द की दाल,नीले फूल और नीले वस्त्र अर्पित करते हुए तेल का दीपक जलाएं और ऊँ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जप करते रहें। इसके बाद शनिदेव की आरती करे और अंत में जरूरतमंदों को चीजों का दान करें।


शनि जयंती 2023 पर उपाय

  • ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार शनि जयंती के मौके पर पीपल की जड़ में कच्चा दूध मिश्रित मीठा जल चढ़ाने व तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है। शनि की साढ़ेसाती या ढय्या के चलते पीपल के पेड़ की पूजा करना और उसकी परिक्रमा करने से शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है। वहीं सुख-शांति में वृद्धि के लिए इस दिन पीपल का वृक्ष रोपना बहुत अच्छा माना गया है।
  • शनिदेव के दिव्य मंत्र ‘ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:’ का इस दिन जप करने से प्राणी भयमुक्त रहता है।
  • शनिदेव के आराध्य भगवान शिव हैं। शनि दोष की शांति के इस दिन शनिदेव की पूजा के साथ-साथ शिवजी पर काले तिल मिले हुए जल से 'ॐ नमः शिवाय'का उच्चारण करते हुए अभिषेक करना चाहिए।
  • शनिदेव की प्रसन्नता के लिए जातक को शनिवार के दिन व्रत रखना चाहिए एवं गरीब लोगों की मदद करनी चाहिए,ऐसा करने से जीवन में आए संकट दूर होने लगते हैं।
  • शनिदेव, हनुमानजी की पूजा करने वालों से सदैव प्रसन्न रहते हैं,इसलिए इनकी कृपा पाने के लिए शनि पूजा के साथ-साथ हनुमान जी की भी पूजा करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed