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Shani Jayanti 2020: जानिए क्यों होती हैं शनिदेव पर तेल चढ़ाने से परेशानियां दूर

Fri, 15 May 2020 05:21 AM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन
अनीता जैन Published by: विनोद शुक्ला Updated Fri, 15 May 2020 05:21 AM IST
सार

  • 22 मई 2020 को शनि जयंती मनाई जाएगी।
  • शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है।
  • शनिदेव को तेल चढ़ाने से कष्ट दूर होते हैं।

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शनि जयंती 2020: शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए उन्हें तेल चढ़ाया जाता है।

विस्तार

नवग्रहों में अपना स्थान रखने वाले शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है। वे इंसान को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। ज्योतिषशास्त्र में इनको न्यायाधीश का स्थान मिला हुआ है। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए उन्हें तेल चढ़ाया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि शनिदेव  को तेल क्यों चढ़ाया जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार माना जाता है कि शनिदेव को तेल चढ़ाने से ये अपने भक्तों की पीड़ा हर लेते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते है। साथ ही यह भी कहा जाता है कि अगर आापको साढ़ेसाती या ढय्या लगी हो तो हर शनिवार के दिन शनि मंदिर में जाकर सरसों या तिल का तेल और काले तिल चढ़ाने से आपको शनि की कृपा मिलती है।
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जब शनिदेव को अपने बल पर हुआ अभिमान-
कथा के अनुसार रामायण काल में एक बार शनि देव को अपने बल और पराक्रम पर घमंड हो गया था। लेकिन उस काल में भगवान हनुमान के बल और पराक्रम की कीर्ति चारों दिशाओं में फैली हुई थी। जब शनिदेव को हनुमानजी  के पराक्रम का पता चला तो वह बजरंगबली से युद्ध करने के लिए निकल पड़े। जब शनिदेव  हनुमानजी  के पास पहुंचे तो देखा कि हनुमानजी नेत्र बंद किए हुए शांत चित्त से एक शांत स्थान पर बैठकर अपने स्वामी श्रीराम की भक्ति में लीन बैठे है।लेकिन फिर भी अपने पराक्रम के मद में चूर शनिदेव ने उन्हें देखते ही युद्ध के लिए ललकारा।
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जब पवनपुत्र हनुमानजी  ने शनिदेव की युद्ध की ललकार सुनी तो वह शनि देव को समझाने लगे कि यह सही नही है,में अपने प्रभु श्रीरामजी का ध्यान कर रहा हूँ । लेकिन शनिदेव ने एक बात न मानी और युद्ध के लिए अड़ गए। इसके बाद मारुतिनंदन शनिदेव के साथ युद्ध के लिए तैयार हो गए।अंत में पवनपुत्र ने शनिदेव को अपनी पूँछ में लपेट कर पत्थरों से पटक-पटक कर मारा,जिससे वह बुरी तरह परास्त होकर घायल हो गए।

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हनुमानजी को दिया आश्वासन
शनिदेव ने दर्द से कराहते हुए हनुमानजी से माफ़ी मांगी और उनको आश्वासन दिया कि वह श्रीरामजी एवं हनुमानजी के भक्तों को कभी तंग नहीं करेंगे।श्रीराम और हनुमानजी की पूजा आराधना करने वाले भक्तों पर अपनी कृपा दृष्टि रखेंगे ।इसके बाद बजरंगबली ने शनिदेव को तेल लगाने को दिया जिससे उनका पूरा दर्द गायब हो गया। इसी कारण शनिदेव ने कहा जो भी मनुष्य मुझे सच्चे मन से तेल चढ़ाएगा में उसकी सभी पीड़ाओं का निवारण कर समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करूँगा। इसी कारण तब से शनिदेव को तेल चढ़ाने की परंपरा की शुरुआत हुई और शनिवार का दिन शनिदेव का दिन होता है जिसके कारण इस दिन तेल चढ़ानें से जल्द आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
 
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