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Sarva Pitru Amavasya 2024: सर्वपितृ अमावस्या आज , पितरों की कृपा पाने के करें पांच अचूक उपाय

Wed, 02 Oct 2024 07:18 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 02 Oct 2024 07:18 AM IST
सार

Sarva Pitru Amavasya 2024: सर्वपितृ अमावस्या पर किए गए श्राद्ध, तर्पण और दान से पितरों की आत्मा को तृप्ति मिलती है। उनकी कृपा से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

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Sarva Pitru Amavasya 2024 Date Time Puja Vidhi Upay Importance On Last Day Of Shradh
सर्वपितृ अमावस्या - फोटो : amar ujala

विस्तार

Sarva Pitru Amavasya 2024: सर्वपितृ अमावस्या, जिसे पितृ अमावस्या या महालय अमावस्या भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह दिन पितरों की तृप्ति और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए समर्पित होता है। इस दिन लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं। सर्वपितृ अमावस्या पर किए गए श्राद्ध, तर्पण और दान से पितरों की आत्मा को तृप्ति मिलती है। उनकी कृपा से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। यह दिन पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा व्यक्त करने का अद्भुत अवसर होता है, जिससे जीवन के सभी क्षेत्रों में शुभता और सकारात्मकता का संचार होता है। आइए जानते हैं कि सर्वपितृ अमावस्या पर कौन से उपाय किए जा सकते हैं।

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1. श्राद्ध और पिंडदान
सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध और पिंडदान करने का विशेष महत्व है। इस दिन अपने पितरों के लिए श्राद्ध कर्म करना चाहिए। श्राद्ध में पूर्वजों को जल और तिल अर्पित किए जाते हैं। इसके साथ ही पिंडदान किया जाता है, जिसमें आटे की गोलियां बनाकर पितरों को अर्पित की जाती हैं। यह प्रक्रिया गंगा नदी या किसी पवित्र जलाशय के किनारे की जाती है। अगर संभव न हो तो घर पर भी यह अनुष्ठान किया जा सकता है। पिंडदान और श्राद्ध से पितर संतुष्ट होते हैं और घर-परिवार में सुख-शांति का वास होता है।
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 2. दान और अन्नदान
सर्वपितृ अमावस्या के दिन ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं। अन्नदान, वस्त्रदान, तिलदान और भोजनदान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। खासकर काले तिल, उड़द, लोहे की वस्तुएं और पका हुआ भोजन दान करना अत्यधिक शुभ माना गया है। इस दिन गौ, कुत्ते, कौवे और चींटियों को भोजन कराना भी पुण्यकारी होता है। पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
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3. पितृदोष निवारण के उपाय
सर्वपितृ अमावस्या पर पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए कुछ विशेष उपाय किए जाते हैं। इस दिन भगवान विष्णु या भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए। विष्णु सहस्रनाम, श्रीमद्भागवत गीता का पाठ और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है। साथ ही पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाने से भी पितृदोष की शांति होती है। इस दिन पीपल के पेड़ को जल चढ़ाकर तीन बार उसकी परिक्रमा करनी चाहिए।

4. खीर और फलाहार का भोग
पितरों को प्रसन्न करने के लिए सर्वपितृ अमावस्या के दिन खीर, चावल और तिल से बने व्यंजनों का भोग लगाना चाहिए। इसे घर के आंगन या छत पर कौवों को खिलाना शुभ माना जाता है, क्योंकि कौवों को पितरों का प्रतीक माना गया है। इस भोग से पितर तृप्त होते हैं और परिवार पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखते हैं।


5. पितरों के नाम पर दीपदान
इस दिन संध्या के समय घर के आंगन या तुलसी के पौधे के पास दीप जलाकर पितरों का स्मरण करना चाहिए। दीप जलाने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और वे प्रसन्न होकर अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं।  

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