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Rang Panchami 2024: कब है रंग पंचमी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और इस पर्व का महत्व

Wed, 27 Mar 2024 11:41 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Wed, 27 Mar 2024 11:41 AM IST
सार

Rang Panchami 2024:  रंग पंचमी का पावन पर्व देवी-देवताओं को समपर्ति है। इस दिन हवा में गुलाल उड़ाए जाते हैं। मान्यता है कि रंग पंचमी के दिन सभी देवतागण धरती पर आकर रंग और गुलाल-अबीर से होली खेलते हैं। 

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Rang Panchami 2024 Kab Hai Date Shubh Muhurat Importance And Significance in Hindi
Rang Panchami 2024 - फोटो : amar ujala

विस्तार

Rang Panchami 2024: होली के पांचवें दिन यानी चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। रंग पंचमी का पावन पर्व देवी-देवताओं को समपर्ति है। इस दिन हवा में गुलाल उड़ाए जाते हैं। मान्यता है कि रंग पंचमी के दिन सभी देवतागण धरती पर आकर रंग और गुलाल-अबीर से होली खेलते हैं। यह पर्व महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में खासतौर पर धुमधाम से मनाया जाता है। चैत्र मास में कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाए जाने के कारण इसे कृष्ण पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। वहीं कुछ जगह पर इसे देव पंचमी और श्री पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं इस साल रंग पंचमी कब है और किस तरह मनाया जाता है यह त्योहार...

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रंग पंचमी 2024 तिथि
पंचांग के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 29 मार्च को रात 08 बजकर 20 मिनट पर होगी। अगले दिन 30 मार्च को रात 09 बजकर 13 मिनट पर इसका समापन होगा। उदया तिथि को देखते हुए रंग पंचमी का पर्व 30 मार्च 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन देवताओं के साथ होली खेलने का समय सुबह 07.46 से सुबह 09.19 बजे तक है।
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रंग पंचमी से जुड़ी मान्यता
मान्यता है कि रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण अपनी प्रेयसी राधा रानी के साथ होली खेला करते थे। इसके अलावा इस दिन देवी-देवता भी आसमान से फूलों की वर्षा करते हैं, इसलिए रंग पंचमी के दिन हवा में अबीर-गुलाल उड़ाने की परंपरा निभाई जाती है। साथ ही रंग पंचमी के दिन श्रीकृष्ण के साथ राधा रानी की पूजा की जाती है। इस दिन श्रीकृष्ण और राधा रानी को गुलाल अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कई जगहों पर रंग पंचमी के दिन जुलूस निकाले जाते हैं, जिसमें हुरियारे अबीर गुलाल उड़ाते हैं।
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रंग पंचमी का महत्व
रंग पंचमी के दिन हवा में अबीर और गुलाल उड़ाए जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन वातावरण में उड़ते हुए गुलाल से व्यक्ति के सात्विक गुणों में अभिवृद्धि होती है। साथ ही तामसिक और राजसिक गुणों का नाश हो जाता है, इसलिए इस दिन शरीर पर रंग न लगाकर वातावरण में रंग बिखेरा जाता है। 

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