{"_id":"5decad448ebc3e1c127b4d81","slug":"pradosh-vrat-december-2019-puja-vidhi-and-importance","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pradosh Vrat : इस व्रत को करने से मिलती है शिव-पार्वती की कृपा, जानें प्रदोष व्रत की विधि और महत्व","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Pradosh Vrat : इस व्रत को करने से मिलती है शिव-पार्वती की कृपा, जानें प्रदोष व्रत की विधि और महत्व
Mon, 09 Dec 2019 06:38 AM IST
योगेश जोशी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Mon, 09 Dec 2019 06:38 AM IST
विज्ञापन
हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत महत्व होता है
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत महत्व होता है। इस दिन भगवान शिव की उपासना की जाती है। यह व्रत हिंदू चंद्रमास के 13वें दिन आता है। कहते है इस दिन व्रत करने वाले लोगों को दो गायों का दान करने के बराबर फल मिलता है। प्रदोष में व्रत और पूजा-पाठ करने से इंसानों को पापों से मुक्ति मिलती है। इस दिन शंकर भगवान के साथ माता पार्वती की भी पूजा की जाती है।
- प्रदोष काल में किए जाने वाले नियम, व्रत एवं पूजन को प्रदोष व्रत या अनुष्ठान कहा गया है। भगवान शिव और पार्वती की पूजा से जुड़ा यह पावन व्रत का फल प्रत्येक वार के हिसाब से अलग-अलग मिलता है। सोमवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोषम् या चन्द्र प्रदोषम् भी कहा जाता है। इस दिन साधक अपनी अभीष्ट कामना की पूर्त्ति के लिए शिव की साधना करता है।
- इस दिन पूजा-पाठ और दान का बहुत महत्व होता है। कुछ लोग इस व्रत को अपने शत्रु से विजय पाने के लिए भी करते हैं। लोगों के दुख दूर होते हैं और कर्ज से मुक्ति मिलती है। भगवान शंकर और माता पार्वती लोगों की हर इच्छाओं को पूरा करते हैं।
- प्रदोष व्रत करने के लिए सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले स्नान करते हैं। इसके बाद भगवान शिव को बेल पत्र, चावल, फूल, धूप, दीप, फल, पान, सुपारी आदि चढ़ाए जाते हैं। इसके बाद भगवान शिव के साथ-साथ माता पार्वती की भी पूजा की जाती है। इस बार प्रदोष व्रत शुक्रवार के दिन पड़ रहा है। इस दिन को बहुत शुभ बताया जा रहा है।
- प्रदोष व्रत सौभाग्य और दाम्पत्य जीवन की सुख-शान्ति के लिए किया जाता है। इस दिन पूरे घर को गंगाजल से पवित्र करना चाहिए। हमारे शास्त्रों में इस व्रत को बाकी अन्य व्रतों से ज्यादा फल देने वाला बताया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन