Nirjala ekadashi 2020: निर्जला एकादशी कल, जानें पूजा विधि, मुहूर्त और महत्व
सभी एकादशी तिथियों में श्रेष्ठ निर्जला एकादशी
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी साल में पड़ने वाली सभी 24 एकादशी तिथियों में श्रेष्ठ होती है। इस एक दिन व्रत करने से साल की 24 एकादशी के व्रत रखने के समान फल मिलता है।
जल का सेवन नहीं किया जाता है
- निर्जला एकादशी के दिन जल का सेवन नहीं किया जाता है।
पूजा विधि
- सुबह स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीप जलाएं।
- देवताओं को स्नान कराएं।
- देवताओं को स्नान कराने के बाद उन्हें साफ स्वच्छ वस्त्र पहनाएं।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा में पीले वस्त्रों का इस्तेमाल करना चाहिए।
- भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की पूजा भी करें।
- विष्णु भगवान की पूजा में तुलसी का इस्तेमाल करें। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार तुलसी के बिना भगवान विष्णु की पूजा पूर्ण नहीं होती है।
- भगवान विष्णु की आरती करें।
- मां लक्ष्मी की आरती करें।
- भगवान को भोग लगाएं। भगवान को सात्विक भोजन का भोग लगाएं। अगर संभव हो तो भोग में कुछ मीठा भी शामिल करें।
- भजन-कीर्तन करें।
- मुहूर्त
पूजा का शुभ मुहूर्त
- हिंदू पचांग के अनुसार 2 जून, मंगलवार को दिन में 12 बजकर 5 मिनट तक एकादशी व्रत पूजा की जा सकती है।
निर्जला एकादशी पारणा मुहूर्त
- 3 जून को सुबह 5 बजकर 23 मिनट से 8 बजकर 8 मिनट तक
अवधि
- 2 घंटे 46 मिनट