Ashwin Purnima Vrat Rules: हिंदू धर्म में आश्विन मास की पूर्णिमा यानी शरद पूर्णिमा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी समस्त 16 कलाओं से युक्त होकर अमृत की वर्षा करता है और धन की देवी मां लक्ष्मी स्वयं पृथ्वी लोक पर भ्रमण करती हैं।
क्या अलग-अलग दिन होंगे शरद पूर्णिमा का व्रत और स्नान-दान? जानें सही तिथि और वजह
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Fri, 16 Oct 2026 05:52 PM IST
सार
Ashwin Purnima Vrat Rules: इस वर्ष शरद पूर्णिमा की तिथि को लेकर लोगों के मन में कई तरह के संशय और उलझनें हैं। खासकर इस बात को लेकर भ्रम बना हुआ है कि व्रत किस दिन रखा जाएगा और पारण के साथ स्नान-दान किस दिन करना शुभ होगा। आइए, इस लेख में विस्तार से समझते हैं कि क्या ये दोनों धार्मिक कार्य अलग-अलग दिन किए जाएंगे और इसके पीछे पंचांग का क्या नियम है।
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