फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Navratri Vrat Kanya Pujan vidhi Significance & Benefits of Kanya Pujan in Navratri

Navratri Vrat Kanya Pujan: क्यों आवश्यक है कन्या पूजन? जानिए नवरात्रि में कन्या पूजन का महत्व और फल

Thu, 03 Apr 2025 12:15 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 03 Apr 2025 12:15 PM IST
सार

नवरात्रि पर हवन, जप और दान से अधिक कन्या पूजन से देवी प्रसन्न होती हैं। श्रद्धा और भक्ति भाव से की गई कन्या पूजन के अनुसार विभिन्न प्रकार के फलों की प्राप्ति होती है।

विज्ञापन
Navratri Vrat Kanya Pujan vidhi Significance & Benefits of Kanya Pujan in Navratri
नवरात्रि में कन्या पूजन का महत्व - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नवरात्रि के पावन दिनों में देवी उपासना का विशेष महत्व होता है और इस दौरान कन्या पूजन को अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना गया है। नवरात्रि में किसी भी दिन कन्या पूजन किया जा सकता है, लेकिन विशेष रूप से अष्टमी और नवमी तिथि को इसका विशेष फल प्राप्त होता है।
विज्ञापन


क्यों आवश्यक है कन्या पूजन ?
कन्या, सृष्टि की सृजन श्रृंखला का अंकुर होती है और प्रकृति स्वरूपा मां शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं। शास्त्रों के अनुसार, संसार संचालन में शक्ति के नौ रूप, नौ ग्रह और नौ प्रकार की भक्ति महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नवरात्रि में मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्तजन उपवास, पूजा और अनुष्ठान करते हैं, जिससे जीवन के भय, विघ्न और शत्रुओं का नाश होकर सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। मान्यता है कि हवन, जप और दान से अधिक कन्या पूजन से देवी प्रसन्न होती हैं। श्रद्धा और भक्ति भाव से की गई कन्या पूजन के अनुसार विभिन्न प्रकार के फलों की प्राप्ति होती है।
विज्ञापन

Navratri : चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन पूजी गईं स्कंदमाता, घरों से मंदिरों तक वातावरण हुआ देवीमय

विज्ञापन
विज्ञापन
एक कन्या की पूजा से ऐश्वर्य की प्राप्ति। दो कन्याओं की पूजा से भोग-सुख प्राप्त होता है। तीन कन्याओं की पूजा से चारों पुरुषार्थ (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) एवं राज्यसम्मान मिलता है। चार एवं पाँच कन्याओं की पूजा से बुद्धि और विद्या की वृद्धि होती है। छह कन्याओं की पूजा से कार्यसिद्धि प्राप्त होती है। सात कन्याओं की पूजा से परमपद की प्राप्ति होती है। आठ कन्याओं की पूजा से अष्टलक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। नौ कन्याओं की पूजा से सभी प्रकार के ऐश्वर्यों की प्राप्ति होती है।

कन्या स्वरूप और उनकी पूजा के लाभ
दुर्गा सप्तशती में उल्लेख मिलता है कि दुर्गा पूजन से पहले कन्या पूजन करना चाहिए, तत्पश्चात मां दुर्गा की आराधना करनी चाहिए। नवरात्रि के नौ दिनों में कन्या पूजन करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि कन्याओं की उम्र दो वर्ष से कम और दस वर्ष से अधिक न हो।

Navratri Day 6 Wishes: नवरात्रि का छठा दिन आज, मां कात्यायनी की तस्वीर और मंत्र वाले वाॅलपेपर भेजकर दें शुभकामनाएं

कुमारी (2 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से सभी दुखों और दरिद्रता का नाश होता है।

त्रिमूर्ति (3 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से धन लाभ होता है।

कल्याणी (4 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से सभी क्षेत्रों में सफलता और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

रोहिणी (5 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से घर-परिवार में सभी रोग दूर होते हैं।

कलिका (6 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से ज्ञान, बुद्धि, यश एवं विजय प्राप्त होती है।

चण्डिका (7 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से धन, सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

शाम्भवी (8 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से युद्ध एवं न्यायालय में विजय तथा यश की प्राप्ति होती है।

दुर्गा (9 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से समस्त विघ्न-बाधाओं का नाश होता है, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है एवं कठिन कार्यों में सफलता मिलती है।

सुभद्रा (10 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं एवं सभी प्रकार के सुख प्राप्त होते हैं।


 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed