फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Muharram 2024 Ashura date and significant in hindi

Muharram 2024: जानिए क्यों मनाया जाता है मुहर्रम, क्या है इसके पीछे की वजह

Wed, 17 Jul 2024 09:39 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मेघा कुमारी Updated Wed, 17 Jul 2024 09:39 AM IST
विज्ञापन
Muharram 2024 Ashura date and significant in hindi
16 या 17 जुलाई कब है आशूरा ? - फोटो : अमर उजाला

Muharram 2024: मुहर्रम मुस्लिम समुदाय का विशेष पर्व है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार मुहर्रम इस्लाम धर्म का पहला महीना होता है, जिसकी शुरुआत 7 जुलाई 2024 से हो चुकी है। माना जाता है कि मुहर्रम को बकरीद के 20 दिन बाद मनाया जाता है। भारत में मुहर्रम मनाने की तिथि हमेशा चांद निकलने पर तय की जाती है। इस माह को रमजान की तरह पाक माना गया है।

विज्ञापन

 

मुहर्रम महीने का 10वां दिन मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद खास होता है, इसे आशूरा के रूप में मनाया जाता है। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार इस तारीख को हजरत इमाम हुसैन की शहादत के रूप में मातम के तौर पर मनाते हैं। इस दौरान देशभर में जुलूस निकाले जाते हैं। वहीं इस साल आशूरा मनाने की सही तारीख क्या है, आइए जान लेते हैं।

विज्ञापन

कब है आशूरा ?
इस साल 7 जुलाई 2024 से मुहर्रम माह की शुरुआत हो चुकी है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार मुहर्रम साल का पहला महीना है। इस दौरान कुछ लोग मुहर्रम के 10वें दिन रोजा रखते हैं, जिसे आशूरा के रूप में मनाया जाता है। इस साल 17 जुलाई 2024 को आशूरा मनाया जाएगा।  

मुहर्रम का महत्व
इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार मुहर्रम को नव वर्ष के रूप में मनाते हैं। लेकिन कुछ लोग इसे गम का महीना मानते हैं। दरअसल, इस माह की 10वीं तारीख को यौम-ए-आशूरा के नाम से जाना जाता है। ये तारीख कोई साधारण नहीं हैं। इस दिन हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी। उनकी याद में मोहर्रम के 10वें दिन को लोग मातम के रूप में मनाते हैं, जिसे आशूरा कहते हैं। 
 
क्यों मनाया जाता है मुहर्रम?
इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार हजरत इमाम हुसैन अपने 72 साथियों के साथ मोहर्रम माह के 10वें दिन कर्बला के मैदान में शहीद हो गए थे। उनकी शहादत और कुर्बानी के तौर पर इस दिन को याद किया जाता है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed