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Masik Shivratri 2024: कब है पौष माह की मासिक शिवरात्रि? जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
Sat, 07 Dec 2024 02:41 PM IST
शिखर बरनवाल
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिखर बरनवाल
Updated Sat, 07 Dec 2024 02:41 PM IST
सार
हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, हर माह में मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से भक्तों को शुभ फल प्राप्त होते हैं और भगवान शिव की कृपा मिलती है।
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मासिक शिवरात्रि
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाने वाली मासिक शिवरात्रि, भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है। इस दिन विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से भक्तों को भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं और मनचाहा जीवनसाथी मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा, यह पर्व भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त करता है। आइए इस लेख में पौष माह के मासिक शिवरात्रि के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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पौष माह का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, पौष माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 29 दिसंबर 2024 को सुबह 3 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर 30 दिसंबर 2024 को सुबह 4 बजकर 1 मिनट पर समाप्त होगा। ऐसे में व्रत और पूजा का पालन 29 दिसंबर को किया जाएगा। पंचांग के अनुसार मासिक शिवरात्रि पर गण्ड योग का निर्माण हो रहा है, जो रात 9 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। इस दौरान ज्येष्ठा नक्षत्र भी बनेगा, जो रात 11 बजकर 22 मिनट तक है। आप इस अवधि में महादेव की पूजा कर सकते हैं।
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पूजा विधि
मासिक शिवरात्रि के दिन प्रातःकाल उठकर स्नान करें और भगवान शिव का ध्यान करते हुए दिन की शुरुआत करें। सूर्यदेव को जल अर्पित करने के बाद, पूजा स्थल पर भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। शिवलिंग का अभिषेक कच्चे दूध, गंगाजल और शुद्ध जल से करें। इसके बाद, भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा और भांग चढ़ाएं। माता पार्वती को श्रृंगार सामग्री अर्पित करें। दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें और शिव चालीसा का पाठ करें। पूजा के समापन पर प्रसाद वितरित करें और दान-पुण्य करके व्रत का समापन करें।
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मनचाहा वर पाने का उपाय
यदि आप अपने मनचाहे जीवनसाथी से विवाह करना चाहते हैं तो मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा विशेष रूप से लाभदायक मानी जाती है। इस दिन गंगाजल और शहद से शिवलिंग का अभिषेक करने के साथ-साथ मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना करने से विवाह के योग बनते हैं। माना जाता है कि भगवान शिव की कृपा से मनचाहा वर प्राप्त होता है और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। मासिक शिवरात्रि का व्रत न केवल विवाह संबंधी समस्याओं का समाधान करता है बल्कि जीवन की अन्य समस्याओं को दूर करने में भी सहायक होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।