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Margashirsha Amavasya 2024: अगहन अमावस्या पर जरूर करें ये चार काम, मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

Tue, 26 Nov 2024 11:56 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति मेहरा Updated Tue, 26 Nov 2024 11:56 AM IST
सार

मार्गशीर्ष अमावस्या को अगहन अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का बड़ा महत्व बताया गया है।  इस दिन आप कुछ विशेष उपाय करके अपने पितरों का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। 

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Margashirsha Amavasya 2024 upay do these remedies on agahan amavasya
मार्गशीर्ष अमावस्या 2024 - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

Margashirsha Amavasya 2024: मार्गशीर्ष अमावस्या को अगहन अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का बड़ा महत्व बताया गया है। इस साल मार्गशीर्ष अमावस्या 1 दिसंबर, रविवार को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन पितृलोक से पितर धरती पर आते हैं। इस दिन पितरों की शांति और उनकी कृपा प्राप्ति के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध जैसे कर्म किए जाते हैं। इससे पितृ दोष समाप्त होता है, और परिवार पर पितरों का आशीर्वाद बना रहता है।

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महत्वपूर्ण अमावस्या तिथि और मुहूर्त
मार्गशीर्ष अमावस्या की तिथि 30 नवंबर को सुबह 10:29 बजे शुरू होगी और इसका समापन 1 दिसंबर को सुबह 11:50 बजे होगा। अमावस्या के दिन सूर्योदय सुबह 6:57 बजे और सूर्यास्त शाम 5:24 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार 1 दिसंबर को ही मार्गशीर्ष अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन आप कुछ विशेष उपाय करके अपने पितरों का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। 
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पितरों को प्रसन्न करने के उपाय:
1. अन्न दान

अमावस्या के दिन दान का अधिक महत्व बताया गया है। ऐसे में आप इस दिन अन्न दान कर सकते हैं। इससे पितरों की कृपा प्राप्त होती है। दरअसल अन्न दान को सबसे महान दान माना गया है। इसमें दो तरह के दान किए जा सकते हैं। जैसे-
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कच्चा अन्न दान- तर्पण के बाद चावल, दाल, गेहूं आदि दान करें।
भोजन का दान- सात्विक भोजन बनाकर गाय, कौआ, या कुत्ते को खिलाएं। इसे पंचबलि कर्म कहा जाता है। गरुड़ पुराण के अनुसार, इन जीवों के माध्यम से अन्न पितरों तक पहुंचता है।

2. दीप दान
शाम के समय मिट्टी का दीपक जलाकर उसमें सरसों का तेल डालें और इसे दक्षिण दिशा में रख दें। माना जाता है कि दीपक की रोशनी से पितरों का मार्ग प्रकाशित होता है, जिससे वे प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं।

3. गो सेवा और तुलसी पूजा
अमावस्या के दिन गाय की सेवा और तुलसी की पूजा करें। इससे न केवल पितरों को संतुष्ट मिलती है, बल्कि यह परिवार में सुख, समृद्धि और धन की वृद्धि भी करता है।

4. गरुड़ पुराण का पाठ
यदि परिवार में पितृ दोष है, तो अमावस्या के दिन गरुड़ पुराण का पाठ जरूर करें। इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है, और वे भगवान विष्णु की कृपा से मोक्ष प्राप्त करते हैं। इन उपायों को करके पितरों की कृपा प्राप्त की जा सकती है, जिससे परिवार में सुख-शांति और उन्नति होती है।



 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

 

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