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Makar Sankranti 2021: इस मकर संक्रांति पर ग्रहों का विशेष योग, इन चीजों का करें दान
Sun, 10 Jan 2021 07:42 AM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिषाचार्य पं धनंजय दुबे
ज्योतिषाचार्य पं धनंजय दुबे
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sun, 10 Jan 2021 07:42 AM IST
सार
- 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में जाकर कई अन्य ग्रहों के साथ योग बना रहे हैं।
- इस मकर संक्रांति पर शनि, बृहस्पति, बुध और चन्द्रमा विराजमान रहेंगे और सूर्य के जाते ही पंचग्रही योग बन जायेगा।
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Makar Sankranti 2021: 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में जाकर कई अन्य ग्रहों के साथ योग बना रहे हैं
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सूर्य दक्षिणायन होते हुए जब उत्तरायण होते है उसी दिन मकर राशि में प्रवेश करते है जिसे मकर सक्रांति कहा जाता है। सूर्य के उत्तरायण होते ही उनकी समस्त किरणें पृथ्वी को प्राप्त होने लगती है, जिससे जीव-जंतु, मानव और वनस्पति सब में ऊर्जा का संचार प्रवाहित होना आरम्भ हो जाता है। दिन बड़ा और रात्रि का पहर छोटा होना आरम्भ हो जाता है, लेकिन इस बार 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में जाकर कई अन्य ग्रहों के साथ योग बना रहे हैं जो अपने आप में एक खगोलीय घटना है । ज्योतिष की दृष्टि से यह अत्यंत महत्वपूर्ण घटना है।
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दिन बृहस्पतिवार, शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा और चन्द्रमा के नक्षत्र श्रवण में योग होगा। सूर्य प्रातः 08 बजकर 14 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे, लेकिन सूर्य के स्वागत के लिए मकर राशि में पहले से 4 ग्रह जिसमें शनि, बृहस्पति, बुध और चन्द्रमा विराजमान रहेंगे और सूर्य के जाते ही पंचग्रही योग बन जायेगा।
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Makar Sankranti 2021: जानिए क्यों मनाई जाती है मकर संक्रांति, इस दिन गंगा स्नान और दान का क्या है महत्व?
मकर सक्रांति पर दान का अत्यंत महत्व है, लेकिन जो लोग शनि , बृहस्पति , बुध और चन्द्रमा से प्रभावित हो या जिनके कुंडली में इन ग्रहों की दशा अन्तर्दशा चल रही हो उनके लिए दान करना अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। जो लोग शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से प्रभावित हो वे इस दिन अन्न दान के साथ साथ ब्राह्मण को भोजन अवश्य करवाएं और अन्न दान के साथ काला तिल ,उड़द की दाल दान करें। किसी मंदिर प्रांगण में जाकर शमी का पौधा लगाएं इससे मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी। बृहस्पतिवार के दिन सक्रांति होने से वनस्पति दान से अत्यंत लाभ मिलता है। जो लोग बीमारी से ग्रसित है वह अन्न के साथ घी का दान करें और बेल का पौधा रोपण करें।
जिनको रोजगार और धन वृद्धि की आवश्कता है वह अन्न दान के साथ सफेद चन्दन की लकड़ी का दान करें और मंदिर या किसी भी स्थान पर केला का पौधा रोपण करें। जो लोग बार बार किसी भी कार्य में असफल हो रहे हों वह अन्न दान के साथ गुड़ का दान करें और शमी के पौधा का रोपण करें।
जो विद्यार्थी शिक्षा क्षेत्र में अत्यंत संघर्ष कर रहे हैं और असमंजस की स्थिति बनी हो वह अन्न दान के साथ मंदिर में कपूर और जनेऊ का दान करें और तुलसी पौधा का रोपण करें।
सर्वकल्याण के लिए अन्न के साथ मीठा, शहद, घी और इत्र का दान अपने पुरोहित या गुरु महाराज को अवश्य करें। इस विशेष योग में दान करने से और पौधा रोपण से जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में कल्याण होता है और आत्मिक उन्नति के साथ भौतिक उन्नति भी होती है।