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2 अक्टूबर को है महालक्ष्मी पूजा, जानिए व्रत का महत्व और पूजन विधि

धर्म डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 01 Oct 2018 12:29 PM IST
महालक्ष्मी व्रत 2018
महालक्ष्मी व्रत 2018
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16 दिनों तक चलने वाले महालक्ष्मी व्रत का कल आखिरी दिन है। इस व्रत में 16 दिनों तक व्रत और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। महालक्ष्मी व्रत 17 सितंबर 2018 से आरम्भ हुआ था और अंत 2 अक्टूबर 2018 को है। महालक्ष्मी व्रत हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से शुरू होकर आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि तक चलता है।
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16 दिन, 3 दिन  और आखिरी दिन महिलाएं रखती है यह व्रत
महालक्ष्मी व्रत रखने पर घर पर सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।  यह व्रत 16 दिनों तक चलता है। जिसमें से अधिकतर विवाहित महिलाएं 16 दिनों तक व्रत रखती है। जो महिलाएं अगर 16 दिन तक नहीं रख पाती वे 3 तीन या आखिरी दिन व्रत रखती है। जो महिलाएं इस व्रत को करती है वे इस दिन अन्न ग्रहण नहीं करती।

इस दिन खरीदा गया सोना बढ़ता है आठ गुना
वैसे तो इस समय श्राद्ध पक्ष चल रहा है जिसमें नई चीजों की खरीददारी वर्जित होती है। लेकिन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की महालक्ष्मी पूजा पर यह दिन शुभ माना गया है। इस तिथि को माता लक्ष्मी जी का विशेष वरदान मिला हुआ है। इस दिन पर सोना खरीदने का महत्व है। ऐसी मान्यता है  इस दिन खरीदा गया सोना आठ गुना से बढ़ता है और जीवन मे सुख-समृद्धि प्राप्त करने के लिए हाथी पर सवार माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है

पूजन विधि
इस दिन पूजा स्थल पर हल्दी से कमल बनाकर उस पर माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें और मूर्ति के सामने श्रीयंत्र, सोने-चांदी के सिक्के और फल फूल रखें। इसके बाद माता लक्ष्मी के आठ रूपों की मंत्रों के साथ कुंकुम, चावल और फूल चढ़ाते हुए पूजा करें।

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