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Jitiya Vrat 2021: नहाए खाए के साथ आज से जितिया व्रत आरंभ, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Tue, 28 Sep 2021 10:31 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Tue, 28 Sep 2021 10:31 AM IST
सार

जितिया व्रत तीन दिनों तक चलता है। पहले दिन नहाए खाए के साथ शुरू होता है, फिर दूसरे दिन माताएं निर्जला व्रत रखती हैं और तीसरे दिन पारण करती हैं।

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jitiya 2021: हिंदू पंचांग के अनुसार जितिया व्रत आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर रखा जाता है। - फोटो : Social media

विस्तार

jitiya vrat 2021: तीन दिनों तक चलने वाला जितिया व्रत जिसे जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहा जाता है आज ( 28 अक्तूबर 2021) से शुरू हो गया है। जितिया व्रत संतान की प्राप्ति के लिए और पुत्र की लंबी आयु, सुखी जीवन और निरोगी जीवन के लिए माताएं रखती है। नहाए खाय के साथ यह व्रत आरंभ हो जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार जितिया व्रत हर वर्ष आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर रखा जाता है। यह व्रत भी सबसे कठिन व्रतों में से एक है। इस व्रत में माताएं अपने पुत्र के लिए पूरे दिन निर्जला व्रत रखते हुए पूजा पाठ करती हैं। जितिया व्रत तीन दिनों तक चलता है। पहले दिन नहाए खाए के साथ शुरू होता है, फिर दूसरे दिन माताएं निर्जला व्रत रखती हैं और तीसरे दिन पारण करती हैं।

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जितिया व्रत शुभ मुहूर्त 
हिंदू पंचांग के अनुसार जितिया व्रत आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर रखा जाता है। आज यानी 28 सितंबर को अष्टमी तिथि शाम के 06 बजकर 16 मिनट से शुरू हो जाएगी। जोकि 29 सितंबर का रात के 08 बजकर 29 मिनट तक रहेगी। वहीं जितिया व्रत का पारण 30 सितंबर को किया जाएगा। लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखें कि 30 सितंबर को सूर्योदय के बाद दोपहर के 12 बजे तक सभी माताएं व्रत का पारण कर लें।
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जितिया व्रत पूजा विधि
- जो माताएं इस जितिया व्रत को करने का संकल्प लेती है उन्हें सुबह स्नान आदि करके पूजास्थल की साफ सफाई कर लेनी चाहिए।
- पूजा स्थल पर एक छोटा गड्डा नुमा तालाब बनाएं।
- फिर तालाब में इसमें पाकड़ का डाल को इसमें खड़ा कर दें।
- इसके बाद पूजा स्थल पर शालिवाहन राजा के पुत्र जीमूतवाहन की कुशनिर्मित मूर्ति को स्थापित करें और और दीप, धूप, माला फूल, रोली और भोग अर्पित करें। 
-अंत में सभी महिलाएं एक साथ एकत्रित होकर जितिया व्रत कथा सुनें।

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