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Holika Dahan 2026: भद्रा और चंद्र ग्रहण के साए में इस साल होली, जानें 2 या 3 मार्च किस दिन होलिका दहन

Fri, 27 Feb 2026 10:28 AM IST
Vinod Shukla धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Vinod Shukla Updated Fri, 27 Feb 2026 10:28 AM IST
सार

Holika Dahan 2026: इस वर्ष होलिका दहन की तारीख को लेकर मतभेद हैं क्योंकि होलिका दहन पर भद्रा और चंद्र ग्रहण का साया रहेगा। शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन पूर्णिमा तिथि, भद्रा काल रहित में करना शुभ होता है।
 

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holika dahan 2026 date time holika dahan kab hai 02 or 03 march shubh muhurat chandra grahan bhadra kaal timin
Chandra Grahan On Holi 2026 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Holika Dahan 2026: होली की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है लोगों के मन में इस बात को लेकर जानने की उत्सुकता बढ़ रही है इस वर्ष होलिका दहन कब करें और होली किस दिन खेली जाए। दरअसल इस वर्ष होलिका दहन पर चंद्रग्रहण पड़ने के कारण दहन की तारीख को लेकर काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।  ज्योतिष के कुछ जानकार और पंडित होलिका दहन 2 मार्च को तो कुछ 3 मार्च को करने की सलाह दे रहे हैं। इस वर्ष होलिका दहन पर साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला जो भारत में दिखाई देगा, ऐसे में सूतक काल मान्य रहेगा जिसके चलते होलिका दहन 2 मार्च को करना अच्छा बताया जा रहा है। ऐसे में आइए विस्तार से जानते हैं कि किस दिन होलिका दहन करना करना शुभ हो सकता है। इसे आसान भाषा में समझते हैं।  

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होलिका दहन, भद्रा, पूर्णिमा तिथि और चंद्र ग्रहण 2026

  • हिंदू धर्म ग्रंथों में हर एक त्योहार को मनाने के पीछे नियम बनाए गए हैं, जिससे अनुसार होलिका दहन पूर्णिमा तिथि, प्रदोषकाल और भद्रा रहित काल में करना शुभ माना जाता है। 
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  • हिंदू पंचांग के अनुसार 2 मार्च 2026 को पूर्णिमा तिथि और प्रदोष काल दोनों ही रहेगी। लेकिन इस दिन भद्रा का साया भी रहेगा। लेकिन कुछ समय के लिए होलिका दहन का मुहूर्त मिलेगा।
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  • अब बात कर लेते हैं 3 मार्च को, इस दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा जो भारत में दिखाई देगा जिसके कारण इसका सूतक काल मान्य रहेगा। सूतक में किसी भी तरह का शुभ काम और पूजा-पाठ करना वर्जित माना जाता है। 3 मार्च को शाम 6 बजकर 46 मिनट पर ग्रहण खत्म हो जाएगा। साथ ही 3 मार्च को भद्रा भी नहीं रहेगी। इस कारण से कुछ विद्वान ग्रहण के खत्म होने के बाद होलिका दहन करने को उचित मान रहे हैं। 

होलिका दहन कब 2 या 3 मार्च ?

  • कुछ ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का मानना है कि होलिका दहन 2 मार्च को करें तो ज्यादा शास्त्र सम्मत और लाभकारी हो सकता है। इनके अनुसार....
  • हिंदू पंचांग के अनुसार 2 मार्च को फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत शाम 5 बजकर 55 मिनट से होगी और इसका समापन 3 मार्च को शाम 5 बजकर 08 मिनट होगा। 
  • पूर्णिमा तिथि के लगने के साथ ही 2 मार्च को भद्रा भी लग जाएगी। भद्रा की शुरुआत 2 मार्च 2026 को शाम 5 बजकर 28 मिनट पर होगी जो रात 04 बजकर 56 मिनट तक रहेगी। 
  • होलिका दहन के मुहूर्त को लेकर शास्त्रों में कहा है कि अगर किसी वर्ष होलिका दहन पर रातभर भद्रा रहती हो तो इस स्थिति मे इस दिन भद्रा मुख के समय को छोड़कर भद्रा पुच्छ में होलिका दहन किया जा सकता है। 
  • पंचांग के अनुसार, 2 मार्च 2026 को अगर भद्रा पुच्छ काल की बात करें तो रात 11 बजकर 53 मिनट से लेकर रात्रि 01 बजकर 26 मिनट तक भद्रा पुच्छ रहेगी। ऐसे में इस समयावधि के दौरान होलिका दहन कर सकते हैं। 

3 मार्च 2026 को होलिका दहन...

  • वहीं 2 मार्च की रात को भद्राकाल के खत्म होने के साथ अगले दिन यानी 03 मार्च को तड़के करीब 5 से 6 बजे के बीच होलिका दहन किया जा सकता है। इससे बाद 03 मार्च को चंद्र ग्रहण का सूतक काल लग जाएगा। 
  • 3 मार्च को होलिका दहन और चंद्र ग्रहण दोनों ही है। चंद्र ग्रहण को धार्मिक नजरिए से अच्छा नहीं माना जाता है। ग्रहण के दौरान किसी भी तरह का शुभ काम और पूजा-पाठ करने की मनाही होती है। ग्रहण के दौरान चारो तरफ नकारात्मक ऊर्जा फैली होती है। ऐसे में ग्रहण के दौरान होलिका दहन करना शुभ नहीं माना जाता है। ऐस में होलिका दहन को भद्रा रहित काल में और सूतक से पहले करें। 

अब जानिए होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 

  • शास्त्रों के अनुसार भद्रा पुच्छ में होलिका दहन किया जा सकता है। पंचांग के अनुसार, 2 मार्च 2026 को भद्रा पुच्छ रात 11 बजकर 53 मिनट से लेकर रात 01 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। ऐसे में इस समय पर होलिका दहन कर सकते हैं। वहीं 3 मार्च को सुबह 5 बजकर 30 मिनट से लेकर 6 बजकर 45 मिनट तक होलिका दहन कर सकते हैं। 

 03 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण 

  • साल का पहला चंद्र ग्रहण 03 मार्च को लगेगा।
  • ग्रहण की शुरुआत दोपहर 03 बजकर 20 मिनट से होगी।
  • ग्रहण की समाप्ति शाम 06 बजकर 47 मिनट प होगी। 
  • यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा जिसके कारण सूतक काल मान्य होगा। 
  • ग्रहण का सूतक काल सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा। 

 

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